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Noida News: योजना पर भारी लोकलाज की जिम्मेदारी

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सामुहिक विवाह के लिए नहीं आया एक भी आवेदन, पिछले वर्ष भी बड़ी मुश्किल से हुए थे 26 विवाह
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समाज कल्याण विभाग को ढूंढने पर भी नहीं मिल रहें आर्थिक रूप से कमजोर परिवार

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पर लोकलाज की जिम्मेदारी भारी पड़ रही है। अभी तक सामूहिक विवाह योजना के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। लोग आवेदन का पता करने तो आ रहे हैं, लेकिन सामूहिक विवाह की जानकारी होने पर शादी करने से साफ इन्कार कर दे रहे हैं। वह कहते हैं, शादी में भले ही देर हो जाए, लेकिन सामूहिक विवाह नहीं करेंगे। समाज कल्याण विभाग को आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ढूंढने से भी नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य पूरा करना विभाग के लिए मुश्किल हो गया है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का लाभ केवल उन परिवारों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये तक होती है। सामूहिक विवाह में शामिल होने वाले प्रत्येक जोड़े पर सरकार 51 हजार रुपये खर्च करती है। इसमें से 35,000 रुपये सहायता राशि कन्या के आधार लिंक बैंक अकाउंट में भेजी जाती है, जबकि 10 हजार रुपये विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री जैसे बर्तन, बिछिया, पायल आदि पर खर्च किए जाते हैं। इसके अलावा, समाज कल्याण विभाग की ओर से सभी व्यवस्थाओं के लिए छह हजार प्रति जोड़ा खर्च किए जाते हैं। विवाह समारोह में वर-वधु पक्ष से पांच-पांच लोग शामिल होते हैं। सामूहिक विवाह के लिए कन्या की आयु 18 व वर की आयु 21 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए।
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पिछले वर्ष भी 50 प्रतिशत ही लक्ष्य हो पाया था पूरा
पिछले वर्ष भी समाज कल्याण विभाग बड़ी मुश्किल से 26 शादी ही कराया पाया था जबकि लक्ष्य 50 था। इस बार भी विभाग को तलाशने पर भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार नहीं मिल पा रहे हैं। अब लक्ष्य पूरा करने के लिए समाज कल्याण विभाग ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पात्र लोग आवेदन कर सकें।
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अभी तक एक भी आवेदन नहीं आया है। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा, ताकि पात्र लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। 10 आवेदन आने पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा। ये देखने में आया है कि लोग सामूहिक विवाह करने से बचते हैं। -सतीश कुमार, समाज कल्याण अधिकारी
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