संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रतापनगर, छछरौली व रणजीतपुर में करीब 75 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद संदीप सिंगला की सातों राइस मिलों पर ताला लटक चुका है। गबन के बाद बचे धान के खराब होने का खतरा मंडरा गया है। इस पर बचे हुए सारे धान को अब दूसरी राइस मिलों में दिया जाएगा। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हालांकि धान को दूसरी मिलों में देने से पहले विभाग को न्यायालय से अनुमति लेनी होगी, क्योंकि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज है। बिना अदालत की अनुमति के धान की कुटाई दूसरी मिलों में नहीं की जा सकेगी। सातों राइस मिलों में इस वक्त खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का करीब 14 हजार मीट्रिक टन धान पड़ा हुआ है। बाकी का धान गबन की वजह से मिलों से गायब है।
करोड़ों रुपये का घोटाला पकड़ में आने और थानों में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद संदीप सिंह परिवार समेत किसी गुप्त स्थान पर हैं। गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस से बचने के चक्कर में संदीप सिंगला व उनकी पत्नी एवं पार्टनर रितिका सिंगला किसी भी राइस मिल में नहीं जा पा रहे हैं।
जब से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक अंशज सिंह ने घोटाले को उजागर किया है तब से मिलों में धान की कुटाई का कार्य बंद है। ऐसे में बचे हुए 14 हजार मीट्रिक टन धान के खराब होने का भी खतरा है। इसलिए अब सारा धान आसपास की दूसरी राइस मिलों में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है।
गबन हुए धान की रिकवरी के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने संदीप सिंगला व पार्टनर रितिका सिंगला पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्राॅपर्टी को तो अटैच किया ही जाएगा, साथ में दोनों के बैंक खातों को सीज करने के लिए डीएफएससी जतिन मित्तल ने डीसी को पत्र लिखा है। एलडीएम दोनों के खाते सीज करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
निदेशक ने कर्मचारियों का रिकॉर्ड किया तलब
धान घोटाला सामने आने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक ने धान घोटाले की जांच को आगे बढ़ाते हुए विभाग के तीन इंस्पेक्टर, डिलिंग हेड व एसओ के नाम व उनका रिकॉर्ड मांगा है। मुख्यालय से प्रतापनगर मंडियों में खरीद करने वाले इंस्पेक्टर विनोद कुमार, डिलिंग हेड शिव नारायण व एसओ धीरज कुमार, छछरौली मंडी में खरीद करने वाली इंस्पेक्टर सविता, डिलिंग हेड राजीव कुमार व रणजीतपुर मंडी में खरीद करने वाले इंस्पेक्टर मनोज यादव, डिलिंग हेड शिव नारायण का रिकॉर्ड मांगा गया है। इन्होंने मंडियों में कुल कितनी खरीद की, कितने गेट पास कटे आदि की जानकारी ली गई है। इसके बाद से कार्यालय में हलचल बढ़ गई है। शुक्रवार को भी आगामी रणनीति को लेकर कार्यालय में कर्मचारियों ने बहुत देर तक चर्चा की।
संदीप सिंगला व उनकी पार्टनर रितिका सिंगला की जो सात राइस मिलों में धान बचा हुआ है उसे कोर्ट की अनुमति लेकर दूसरी मिलों में ट्रांसफर किया जाएगा। समय पर कुटाई होने से धान खराब होने का खतरा नहीं रहेगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। संदीप सिंगला व रितिका सिंगला के बैंक खाते सीज करने के लिए एलडीएम को पत्र लिखा है। मुख्यालय से कुछ स्टाफ की जानकारी मांगी गई है, जो जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएगी। - जतिन मित्तल, डीएफएससी, यमुनानगर।