दादरी। रेलवे रोड स्थित अग्रसेन इंटर कॉलेज परिसर में लव कुश धार्मिक रामलीला के मंचन में देवी-देवताओं से जुड़े विभिन्न प्रसंग प्रस्तुत किए गए। कलाकारों ने समुद्र-मंथन से माता लक्ष्मी के प्राकट्य, उनके अष्ट रूपों में लोक-कल्याण और श्रीहरि विष्णु के साथ वैकुंठ लौटने का प्रसंग मंचित किया।इसके बाद भगवान शिव और माता सती के प्रसंग का मंचन हुआ। माता सती अपने पिता दक्ष प्रजापति के यज्ञ में पहुंचती हैं। वहां भगवान शिव का अनादर देखकर वह आहत हो जाती हैं और अपनी देह का त्याग कर देती हैं। इससे भगवान शिव क्रोधित हो जाते हैं और वीरभद्र को उत्पन्न करते हैं। वीरभद्र दक्ष प्रजापति के यज्ञ का विध्वंस कर उनका शीश धड़ से अलग कर देते हैं।
इसके बाद ब्रह्मा और विष्णु सहित सभी देवता भगवान शिव की स्तुति करते हैं। दक्ष प्रजापति की पत्नी भी उनसे प्रार्थना करती हैं। देवताओं और परिजनों के आग्रह पर भगवान शिव प्रसन्न होकर दक्ष प्रजापति को बकरे का मुख लगाकर पुनर्जीवन प्रदान करते हैं।
माता सती के वियोग में भगवान शिव के व्यथित होकर विचरण करने का प्रसंग भी मंचित किया गया। बाद में देवी-देवताओं के आग्रह पर भगवान शिव माता पार्वती के साथ पुनर्विवाह करते हैं। इसी मंगलमय प्रसंग के साथ रामलीला का समापन हुआ।