दो दिन की बारिश के बाद अब सड़कों पर जलभराव और कीचड़, पानी निकालने में जुटा ग्रेनो प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बारिश बृहस्पतिवार शाम तक तो बंद हो गई लेकिन अफसरों की लापरवाही के निशां सड़कों और गलियों में अब भी हैं। शुक्रवार को भी ग्रेनो वेस्ट में कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ ने लोगों को परेशान किया। सबसे अधिक दिक्कत टेकजोन-4 और सेक्टर-1 की सोसाइटियों के अलावा शहरी क्षेत्र में शामिल हो चुके गांवों में रही। सूरजपुर में दूसरे दिन भी लोग पानी निकालने में जुटे रहे। यहां घराें-दुकानों में पानी भर गया था।
ग्रेनो वेस्ट से प्राधिकरण को जलनिकासी के लिए शिकायतें भी पहुंची हैं। प्राधिकरण के परियोजना विभाग की टीमें शुक्रवार को भी अलग-अलग जगहों पर पानी की निकासी कराती रहीं। सेक्टर-3 में एस्टर पब्लिक स्कूल के पास कच्चा नाला बनाए जाने के बाद भी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो सकी है। नॉलेज पार्क-5 से सटे तुस्याना में कई सड़कों पर अब भी बारिश का पानी रुका है। ऐसे में सुबह के समय तुस्याना, चौगानपुर आदि गांवों में बच्चों को स्कूल जाने के लिए पानी के बीच से निकलना पड़ा।
ग्रेनो वेस्ट में महागुण मंत्रा-2, पालम वैली और एस्टर पब्लिक स्कूल के सामने और आसपास की कई सड़कों पर अब भी पानी जमा है। शुक्रवार को यहां वाहनों को निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ईकोटेक-3 में पानी की निकासी हो गई है लेकिन सड़क किनारे अब कीचड़ जमा है। इससे दोपहिया वाहन और पैदल चलने वालों के लिए दिक्कतें बनी हुई हैं।लोगों का कहना है कि हर बरसात के बाद यही स्थिति देखने को मिलती है। समस्या के स्थायी समाधान पर प्राधिकरण को काम करना चाहिए।
तिलपता में पानी की निकासी की मांग
तिलपता में निकासी की व्यवस्था नहीं होने पर जलभराव से लोगों को जूझना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मांग करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्राधिकरण ने जाम से निजात दिलाने के लिए सड़क पर डिवाइडर बनाने का काम शुरू किया था। अब यह निर्माण बीच में ही रोक दिया गया है। इससे जाम से आंशिक राहत तो मिली है।
इसके उलट नाला निर्माण कंटेनर डिपो के सामने ही बंद कर दिया गया। इस नाले को डेंसो कंपनी के सामने होते हुए यूपीसीडा तक बनाए जाने की जरूरत है। स्थानीय निवासी सुखवीर आर्य का कहना है कि गांव में पानी निकासी के लिए व्यवस्था करने और अधूरे डिवाइडर को पूरा कराने की मांग को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मिला जाएगा। इसके बाद भी अगर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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वर्जन
बारिश के दौरान जलभराव इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से अधिक लोगों की लापरवाही से होता है। लोग नाले-नालियों में कूड़ा गिराना बंद करें। इससे काफी हद तक समस्या खत्म हो जाएगी। कुछ जगहों पर नालों का बहाव ही ठीक नहीं है। ऐसे में वहां पंप लगाकर जलनिकासी करनी होगी। ऐसी जगहों को चिह्नित किया गया है। जहां नालों को री-डिजाइन करने की जरूरत है। -रवि कुमार एनजी, सीईओ, ग्रेनो प्राधिकरण