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Noida News: चार साल में 10 गुना बढ़ी मधुमेह की समस्या

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- जिम्स में 2021 में पहुंचे थे 1265 मरीज , 2024 में संख्या बढ़कर 11718 तक पहुंची
- पहले 50 की उम्र तक होती थी मधुमेह की बीमारी
-अब 30 साल की उम्र में ही लोग हो रहे हैं शिकार
आशीष चौरसिया

ग्रेटर नोएडा। नवविकसित शहर ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी सहित आसपास के इलाकों में चार साल में मधुमेह के मरीजों की संख्या में 10 गुना इजाफा हो गया है। खास बात यह है कि अब यह बीमारी युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। 30 साल की उम्र में ही बड़ी संख्या में युवक और युवतियां शुगर के मरीज बन रहे हैं, जो आने वाले समय के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट का संकेत है।
ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) द्वारा जारी आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2021 में जहां सिर्फ 1265 मरीज सामने आए थे, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 11718 पहुंच गई। यानी चार साल में मरीजों की संख्या 10 गुना हो गई। जिम्स के जनरल मेडिसिन विभाग में आए डायबिटीज से ग्रसित मरीजों का आंकड़े की बात की जाए तो मात्र 1265 थे। जोकि चार साल में यह आंकड़ा करीब दस गुना बढ़कर 11718 पहुंच गया है। डॉ. पायल जैन ने बताया कि करीब चार से पांच साल पहले डायबिटीज के करीब 80 फीसदी मामले 50 साल की उम्र के आसपास के आते थे, लेकिन आज के दौर में यह आंकड़ा बदल गया है।
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इस समय 30 साल की उम्र के करीब 50 फीसदी मामले आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि डायबिटीज आनुवांशिक बीमारी होने के बाद भी करीब चार से पांच साल पहले तक करीब 50 साल की उम्र में ग्रसित होते थे, लेकिन अब के समय में लगातार बदल रही दिनचर्या और खानपान के साथ ही अन्य चीजों में बदलाव के कारण 30 साल की उम्र में ही लोग ग्रसित हो रहे है। जिस कारण अन्य बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं और कम उम्र में ही अधिक उम्र के दिखाई देने लगते हैं।


अव्यवस्थित दिनचर्या के कारण कम उम्र में बीमारी
युवाओं में लगातार अव्यवस्थित खान-पान के साथ ही बदली दिनचर्या के कारण कम उम्र में ही डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। जहां पर पहले 50 साल से अधिक उम्र के बाद लोग डायबिटीज से ग्रसित होते थे। वहीं अब 30 साल के ही युवा डायबिटीज के मिल रहे हैं। युवाओं को नियमित व्यायाम करने के साथ ही खानपान पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
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भूख अधिक लगने व वजन कम होने काे न करें नजरअंदाज


उन्होंने बताया कि अगर युवाओं में कमजोरी लगना, हमेशा थकान महसूस होना, कमजोरी लगना, भूख ज्यादा लगना, प्यास अधिक लगना, वजन लगातार कम होने के अलावा यूरीन अधिक होने समेत कई अन्य समस्याएं होने लगे तो तुरंत उनका डॉक्टर को दिखाना चाहिए और सलाह के अनुसार उपचार कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकतर युवा ऐसी परेशानियां होने पर नजरअंदाज कर देते हैं जिस कारण उन्हें कम समय में ही अन्य बीमारियां घेर लेती हैं और उनका स्वास्थ्य बिगड़ता चला जाता है।

वर्ष मरीजों की संख्या
2021 1265
2022 5739
2023 10040
2024 11718
2025 (जनवरी से मार्च तक) 3080

वर्ष (2025) संख्या
जनवरी 1204
फरवरी 873
मार्च 1003
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नोट : जिम्स से दिए गए आंकड़े के आधार पर
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