जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में बच्चों को सर्दी में अतिरिक्त पोषण देने के लिए निदेशालय की ओर से खीर व देसी घी की पिन्नी देने की योजना शुरू की गई है। योजना के अनुसार एक नवंबर से बच्चों को पिन्नी व खीर दी जानी थी, परंतु जिले के विद्यार्थियों को मिड-डे-मील में यह नहीं दी जा रही है। कंपनी की ओर से पिन्नी और खीर की सप्लाई नहीं भेजी गई।
जिला विभाग की ओर से इसके लिए 30 अक्तूबर को ही डिमांड भेज दी गई थी। जिले के विद्यालयों में हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से पिन्नी की सप्लाई दी जानी है। योजना के अनुसार जिस दिन बच्चों को आयरन की गोलियां दी जाती है, उसी दिन पिन्नी दी जानी है। इसमें पहली से आठवीं तक के साथ बाल वाटिका-3 के बच्चों को शामिल किया है।
इसके लिए मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड पंचकूला से एक नवंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक अनुबंध किया है। परंतु डिमांड जाने के बाद 22 दिन बाद भी जिले में इसकी सप्लाई नहीं हो पाई है। यह योजना एक नवंबर से शुरू की जानी थी, इसके लिए निदेशालय ने 29 अक्तूबर को देर शाम पत्र जारी किया।
पत्र में सभी जिले में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पिन्नी मांगवाने के लिए डिमांड मांगी थी। इसके बाद जिला विभाग की ओर से 30 अक्तूबर को भेज दी गई थी। एक नवंबर तक पिन्नी स्कूलों में पहुंचानी थी, परंतु यह अभी तक नहीं पहुंची है। इसके लिए जिला विभाग की ओर से आला अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
शिक्षा निदेशालय ने सर्दी के दौरान विद्यार्थियों को पोषण देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है। चूंकि पिन्नी गर्म होती है और इसके सेवन से बच्चों का सर्दी से बचाव होगा। विभाग की इससे जिले के 65,115 बच्चों को पोषण देने की योजना है। प्राथमिक में 32 हजार और माध्यमिक विद्यालय में 30 हजार बच्चे हैं। वहीं, करीब 3,100 बच्चे बाल वाटिका-3 में हैं। इन सभी बच्चों को हर सप्ताह भोजन में पिन्नी वितरित की जाएगी। संवाद
निदेशालय की ओर से स्कूलों में बच्चों को पिन्नी व खीर वितरित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए जिले की डिमांड भेजी गई है। बच्चों को 31 मार्च तक पिन्नी दी जाएगी। परंतु अभी तक इसकी सप्लाई नहीं आई है। इससे अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। - पिरथी सैनी, उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।