फोटो-05एयूआरपी 22- पानी में डूबे खेत। संवाद
औरैया। दिबियापुर कस्बे से सटे गांव घेरा, कैंझरी व जमुहां में हुए सीपेज समस्या को लेकर अब विपक्ष किसानों की लड़ाई लड़ेगा।
किसानों को इससे निजात दिलाने के लिए विधानसभा तक आवाज बुलंद की जाएगी। जरूरत पड़ी तो एक बार फिर ये मुद्दा विधानसभा में गूंजेगा। हालांकि इससे पहले विधानसभा के सदन में यह मामला रखा जा चुका है।
दिबियापुर कस्बा से सटे गांव घेरा, कैंझरी व जमुहां में 200 एकड़ जमीन का दायरा है। इस दायरे में करीब 200 बीघा (120 एकड़) खेत जलमग्न हैं। शेष हिस्से में प्लॉटिंग है। इसके अलावा वन विभाग की जमीन भी जलमग्न है।
किसान बताते हैं कि साल 2019 से यहां पर फसलें नहीं उग पा रही है। यहां की जलनिकासी मैनपूठ नाले के सहारे हैं, लेकिन उस पर अतिक्रमण हो रखा है। जगह-जगह पर नाले को पाट भी दिया गया है। ऐसे में इन गांवों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
इस मसले को लेकर दिबियापुर से सपा विधायक प्रदीप यादव ने खुलकर किसानों के पक्ष में आवाज बुलंद करने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि वह पूर्व में डीएम से लेकर विधानसभा तक मुद्दा उठा चुके हैं। फिर भी किसानों की समस्या दूर नहीं हो सकी है। वह इस मामले को फिर से विधान सभा में उठाएंगे।
समस्या दूर कराएं
200 बीघा खेत बारिश के पानी से सालभर भरे रहते हैं। जलनिकासी व्यवस्था बदहाल है। इन 200 बीघा खेतों में कितना अनाज उगता। किसी ने ध्यान नहीं दिया। शायद अब विपक्ष इस समस्या को दूर करा दे।
-मोहित पाल
नजरअंदाज कर रहे
डूबे खेतों की सुध जिला प्रशासन नहीं ले रहा है। किसानों की समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है। जिला स्तर पर किसानों की समस्या को ही नजरअंदाज किया जा रहा है।-राजवीर सिंह