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Noida News: आरंभ की संध्या में गूंजे युवा कलाकारों के सुर

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-रजा फाउंडेशन के मंच पर वायलिन और स्वर की अनुगूंज ने बांधा समा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। इंडिया हैबिटैट सेंटर बुधवार की शाम सुरों और रागों की मधुर छटा से सराबोर रही। रजा फाउंडेशन की तरफ से आयोजित श्रृंखला आरंभ के 30वें संस्करण में युवा कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत लिया।
बता दें, कि आरम्भ रजा फाउंडेशन की एक विशेष पहल है, जिसकी शुरुआत 2017 में हुई थी। इसका उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वादन के क्षेत्र में नई पीढ़ी को मंच देना साथ ही, परंपरा और नवाचार के संगम को सहेजना है। अब तक इस श्रृंखला के 29 आयोजनों में 75 से अधिक युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। संध्या का आगाज वायलिन वादक साकेत साहू ने राग पूर्या धनश्री से किया। उनके सधे हुए सुरों और नाद के विस्तार ने सभागार में अद्भुत संगीत वातावरण रचा। सुर और लय के इस सुंदर संवाद में तबले पर उनका साथ दे रहे थे जहीन खान, जो उस्ताद अकरम खान के शिष्य हैं।
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वहीं, साकेत की प्रस्तुति के बाद मंच पर आईं कोल्हापुर की युवा गायिका चिन्मयी आठले ओक। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायकी ने माहौल को और भी सुरीला बना दिया। उन्होंने राग तिलक कमोद में मोरी पथ राखो की भावनात्मक प्रस्तुति दी, जिसके बाद द्रुत एकताल में तराना गाकर अपनी गायकी की गहराई दिखाई। साचो तेरो नाम और चतुर सुघर बलमा जैसी रचनाओं ने उनकी गायन शैली में निहित परंपरा और नव्यता का सुंदर संगम दर्शाया। कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा भी की गई कि आगामी हबीब तनवीर स्मृति व्याख्यान 15 अक्तूबर को इंडिया हैबिटैट सेंटर में आयोजित होगा। इस वर्ष का विषय रहेगा, भारतीय यथार्थवाद का बदलता संसार, जिसे प्रसिद्ध रंग निर्देशक अनामिका हक्सर प्रस्तुत करेंगी।
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