अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने जीएसटी अधिकारी की ओर से एक कंपनी को भेजे गए कारण बताओ नोटिस को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि उसमें कोई कारण नहीं बताया गया है। कोर्ट ने यह कहते हुए कंपनी के जीएसटी पंजीकरण को बहाल कर दिया है।
न्यायमूर्ति विभु बाखरू एवं न्यायमूर्ति तुषार राव गडेला की पीठ ने कहा कि कारण बताओ नोटिस में कमी है। यह उन कारणों का खुलासा नहीं करता है कि याचिकाकर्ता का जीएसटी पंजीकरण क्यों निलंबित किया गया था या रद्द करने का प्रस्ताव था, जबकि एक कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट रूप से कारण दिया जाना चाहिए जिससे प्राप्तकर्ता उसका जवाब दे सके।