-4 सालों में सबसे ज्यादा छात्र-छात्राओं ने पास होकर रच दिया नया इतिहास
-2020 में 569, 2021 में 496, 2022 में 648 और 2023 में 1074 छात्रों ने किया नीट क्वालिफाई
-इस बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ा, इसमें 695 लड़कियां और 379 लड़के शामिल
-
-आरपीवीवी पश्चिम विहार के छात्र पीयूष झा ने हासिल किए 100 परसेंटाइल
-, ईडब्लूएस कैटेगरी की ऑल इंडिया रैंकिंग में तीसरे स्थान पर किया कब्जा
-कुछ साल पहले तक इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी-केजरीवाल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों ने एक बार फिर एतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सरकारी स्कूलों के एक हजार से अधिक बच्चों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को क्वालिफाई किया है। यह संख्या चार सालों में सबसे अधिक है। परीक्षा में एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। आरपीवीवी पश्चिम विहार स्कूल के छात्र पीयूष झा ने 100 परसेंटाइल हासिल कर ईडब्लूएस कैटेगरी की ऑल इंडिया रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया है।
इस साल दिल्ली के सरकारी स्कूलों से 1,074 बच्चों ने नीट की परीक्षा क्वालिफाई की, जिसमें से 695 लड़कियां है, जबकि 379 लड़के है। इस साल न केवल दिल्ली के सरकारी स्कूलों से नीट क्वालिफाई करने वालों की संख्या बढ़ी है, बल्कि लड़कियों ने फिर से लड़कों को पछाड़ा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बच्चों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। इसके लिए सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए ट्वीट कर कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों के 1000 से अधिक छात्रों ने नीट की परीक्षा पास की है। कुछ साल पहले इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।
राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय (आरपीवीवी) पश्चिम विहार के पीयूष झा ने परीक्षा में 100 परसेंटाइल हासिल किया और ईडब्ल्यूएस श्रेणी में ऑल इंडिया रैकिंग में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। नीट पास करने वाले छात्रों की संख्या में पिछले कुछ सालों में लगातार वृद्धि देखी गई है। साल 2020 में 569 छात्रों ने, 2021 में 496, 2022 में 648 और इस साल 2023 में 1,074 ने नीट परीक्षा को क्वालिफाई किया है। छात्रों की इस उपलब्धि पर शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार अपने स्कूलों में शिक्षा को लेकर बेहतरीन वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।