फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: दर्शकों को डर, संदेह और रोमांच का अहसास करा गया द माउसट्रैप

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। टैगोर थिएटर में थिएटर फार थिएटर द्वारा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय तथा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से आयोजित 20वें विंटर नेशनल थिएटर फेस्टिवल के आठवें दिन रविवार को प्रसिद्ध नाटक द माउसट्रैप का मंचन किया गया। नाटक को मंथन आर्ट चंडीगढ़ की टीम ने प्रस्तुत किया। मूल रूप से ब्रिटिश लेखिका एगाथा क्रिस्टी के द्वारा लिखा गया यह नाटक विश्वभर में सबसे लंबे समय तक मंचित होने वाले नाटकों में गिना जाता है। इसका हिंदी रूपांतरण एवं निर्देशन हीरा सिंह ने किया। नाटक दर्शकों को डर, संदेह और रोमांच का अहसास कराने में सफल रहा।
विज्ञापन

नाटक की कहानी रविश गुप्ता नामक व्यक्ति की हत्या से शुरू होती है। उसकी हत्या डलहौजी के मॉल रोड टैक्सी स्टैंड के पास की गई है। यहां बर्फ से घिरा एक एकांत गेस्ट हाउस है। इसे युवा दंपती संजय अवस्थी और अनुश्री अवस्थी द्वारा संचालित किया जाता है। मेहमानों के आने की प्रतीक्षा के दौरान रेडियो लगातार मॉल रोड पर हुई हत्या की खबरें सुनाता रहता है और बताता है कि पुलिस एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाश कर रही है। इसे काले ओवरकोट में घटनास्थल के पास देखा गया था। इसी बीच चार मेहमान सुमन महाजन, प्रेम आहूजा, मेजर रंजीत सिंह राजपूत और कैलाश श्रीवास्तव गेस्ट हाउस पहुंचते हैं। इसके बाद अंतिम अतिथि रवि प्रसाद आता है। वह बताता है कि उसकी कार बर्फ में फंसकर पलट गई है। जब सभी मेहमान जमा हो जाते हैं, तभी एक पुलिस अधिकारी वहां पहुंचकर यह खुलासा करता है कि हत्यारा इन्हीं में से कोई हो सकता है। पूरा वातावरण डर, संदेह और रोमांच से भर जाता है। सभी एक-दूसरे पर शक करने लगते हैं। नाटक दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है क्योंकि आखिरी क्षण तक असली हत्यारे का पता लगाना मुश्किल बना रहता है।
नाटक में अग्निवेश भारद्वाज ने संजय अवस्थी, दृष्टि आजाद ने अनुश्री अवस्थी, रितुका ठाकुर ने सुमन महाजन, अनुराग ने प्रेम आहूजा, बलजीत सिंह ने मेजर रंजीत सिंह राजपूत, खुशदीप शर्मा ने कैलाश श्रीवास्तव, रवि ने श्री रवि प्रसाद तथा कृष्ण कुमार ने पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें