-राम जन्म लीला का मंचन देखकर श्रद्धालु और दर्शक हुए भावविभोर
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा।दीनों पर दया करने वाले, माता कौशल्या को हितकारी प्रभु श्रीराम प्रगट हुए हैं। मुनियों के मन को हरने वाले भगवान के अद्भुत रूप का विचार कर माता कौशल्या हर्ष से भर गई हैं। शहर में हो रहीं रामलीला के दूसरे दिन राम जन्म के मंचन के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। राजा दशरथ और माता कौशल्या को बधाई देने के लिए अयोध्या वासियों की भीड़ लग गई। राजा दशरथ की आंखों में खुशी के आंसू और माता कौशल्या श्रीराम की बाल लीलाओं को देखकर हर्षित हो रही थीं।
शिक्षा के लिए राम-लक्ष्मण को साथ ले गए विश्वामित्र
सेक्टर 62 में श्रीराम मित्र मंडल रामलीला समिति के महासचिव मुन्ना शर्मा ने बताया कि रामलीला के दूसरे दिन देवताओं को भगवान विष्णु से प्रार्थना, राम जन्म का आलौकिक क्षण, विश्वामित्र का राम-लक्ष्मण को साथ ले जाना, मारीच सुबाहु और ताड़िका के वध का मंचन किया गया। कोषाध्यक्ष राजेंद्र गर्ग, सलाहकार मनोज शर्मा, अनिल गोयल समेत समिति के अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रभु राम ने की साधुओं की प्राणों की रक्षा
सेक्टर 46 में श्री राम-लखन धार्मिक लीला कमेटी की ओर से रामलीला के दूसरे दिन राम-लक्ष्मण , भरत, शत्रुघ्न के जन्म का मंचन किया गया। समिति के अध्यक्ष विपिन अग्रवाल बताया कि राक्षसों का विश्वामित्र के हवन में विघ्न डालना और विश्वामित्र द्वारा अवध के राजा दशरथ से राम लक्ष्मण को संग लेकर जाने की मांग करने का मंचन किया गया। चेयरमैन मनोज अग्रवाल, वाइस चेयरमैन राजेंद्र जैन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
महर्षि नगर आश्रम में हुआ अहिल्या का उद्धार
महर्षि नगर आश्रम में आयोजित रामलीला के संयोजक रामेंद्र सचान ने बताया कि मंचन में विश्वामित्र राम-लक्ष्मण को साथ ले जाने के लिए कहते हैं। इस दौरान संतान वियोग के मार्मिक दृश्य का मंचन किया गया। पथ पर जाते समय श्रीराम ताड़िका राक्षसी का उद्धार करते हैं। वहीं लंबे समय से इंतजार कर रही अहिल्या को भगवान श्रीराम श्राप से उद्धार करते हैं। विनीत श्रीवास्तव, शिशिर कांत श्रीवास्तव, यादवेंद्र यादव, शिशुपाल आदि मौजूद रहे।
नोएडा स्टेडियम में रावण जन्म का मंचन
नोएडा स्टेडियम में श्री सनातन धर्म रामलीला समिति के महासचिव संजय बाली ने बताया कि दूसरे दिन के मंचन का शुभारंभ जनपद सिद्धार्थ नगर के शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने किया। रामलीला के दूसरे दिन मंचन के दौरान रावण जन्म और तपस्या का मंचन किया गया। साथ ही माता-पिता के भक्त श्रवण कुमार के करुण भक्ति और राजा दशरथ के बाण से श्रवण की मृत्यु और पुत्र वियोग में श्रवण के माता-पिता के शरीर त्यागने की कथा का मार्मिक दृश्य दिखाया गया। इस दौरान दशरथ के रूप में हिमांशु और श्रवण के रूप में संभव के करुण अभिनय दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। मंचन के दौरान समिति के सदस्य सुशील भारद्वाज, रमेश कुमार, राजकुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।