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Noida News: शिक्षक को नोटिस मिलने के बाद गरमाया वरिष्ठता सूची का मुद्दा

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मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। हिंदू कॉलेज के शिक्षक को नोटिस जारी होने के बाद शिक्षक वरिष्ठता सूची की चर्चा कर रहे हैं। इस संबंध में वीसी का कहना है कि नोटिस का वरिष्ठता सूची से कोई संबंध नहीं है।बुधवार को कुलसचिव ने पत्र जारी कर प्राचार्य हिंदू कॉलेज के माध्यम से भौतिक विज्ञान के प्रो. अनिल कुमार बृहस्पतिवार को कुलपति के समक्ष सुनवाई में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। इसमें आरोप था कि प्रो. अनिल कुमार ने विश्वविद्यालय से संबंधित असंगत खबर प्रकाशित करवाई हैं। प्रो. अनिल कुमार ने बताया कि शिक्षकों की समस्या के संबंध में प्रकाशित मेरे बयान को लेकर 30 जुलाई को कुलपति ने मुझे नोटिस देकर बुलाया था और मैंने इसका जवाब दाखिल कर दिया था। अब पुन: उसी संबंध में नोटिस जारी हुआ है। बृहस्पतिवार को मैं एक जरूरी कार्य से बाहर था। सोमवार को फिर बुलाए जाने की सूचना मुझे प्राचार्य के माध्यम से प्राप्त हुई है।
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शिक्षकों ने वार्ता कर उठाया वरिष्ठता का मुद्दा
गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन मुरादाबाद के नाम से बने व्हॉट्सएप ग्रुप पर प्रचारित हो रहे संदेश के अनुसार राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी से शिष्टाचार भेंट की थी। इसमें शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं से कुलपति को अवगत कराकर ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी करने, शोध निर्देशकों की सूची और शोध के लिए रिक्त स्थानों की सूची जारी करने, विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों में वरिष्ठता सूची का अनुपालन करने व विश्वविद्यालय में चलाई जा रही परास्नातक कक्षाओं के अध्यापन में शिक्षण गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए नियमों का अनुपालन करने संबंधी बिंदु शामिल किए गए थे।


वर्जन...
मैं शिक्षक संघ का प्रदेश मंत्री हूं। उसके नाते शिक्षकों की सामान्य समस्याओं को कुलपति के समक्ष उठाना हमारा दायित्व है। कुलपति को इन समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनको हल करना चाहिए।
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प्रो. अनिल चौहान, प्रदेश मंत्री राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उप्र


नोटिस प्रो. अनिल गैर जिम्मेदाराना बयान को लेकर दिया गया है। पहले उन्होंने माफीनामा भी लिखा था। इसके बाद अब टीचर्स यूनियन के माफिक काम कर रहे हैं, जबकि हमने किसी यूनियन को मान्यता नहीं दी है। अभी गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के तत्वावधान में कोई यूनियन बनी भी नहीं है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के लोग खुद को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय इकाई का बताते हैं। जबकि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने इकाई गठन के लिए हमसे कभी पर्यवेक्षक भी नहीं मांगा।
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प्रो. सचिन माहेश्वरी, कुलपति, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय
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