मथुरा। मथुरा में शिव गौरा गोसेवा ट्रस्ट के नाम से खोले गए खाते में 21 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में एक माह बाद भी साइबर सेल के हाथ खाली हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजा था, लेकिन मंत्री के रिश्तेदार के नाम का खुलासा होने के बाद पुलिस की जांच धीमी पड़ गई। पुलिस अब साइबर ठगी के इस मामले के लिंक सऊदी अरब से जुड़े होना बता रही है।
साइबर थाने की पुलिस ने 14 सितंबर को एसबीआई के गोसेवा ट्रस्ट के नाम से खोले गए एक बैंक खाते में एक माह के भीतर 21 करोड़ रुपये के लेनदेन होने पर बैंक मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी थी। खाते से 20 करोड़ से अधिक रुपये दूसरे खातों को ट्रांसफर भी किए थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि खाता गौतम उपाध्याय, शिवम कुमार, गोविंद कुमार ने खुलवाया था। ट्रस्ट के नाम पर खोले गए खाते में साइबर ठगी के पैसे का लेनदेन किया जाता था। कुछ ही घंटों में पैसा एक खाते से दूसरे खाते में भेज दिया जाता था। पुलिस ने गौतम उपाध्याय और बलदेव सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। पुलिस ने खाते में शेष करीब सात लाख रुपये फ्रीज भी करवाए थे।
आरोपियों ने पूछताछ में मंत्री के रिश्तेदार अभिषेक को सरगना बताया था। पुलिस ने अभिषेक सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। आरोपी बलदेव ने अभिषेक को मंत्री का रिश्तेदार बताया था। उसने ही खाता खुलवाया था। अभिषेक एक मंत्री का रिश्तेदार है। लेकिन इसके बाद साइबर ठगी के इस मामले की जांच ठप पड़ गई। अभी तक साइबर सेल मामले में जांच कर रही है। एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा का कहना है कि गोसेवा ट्रस्ट के नाम पर खाता चलाने वाले साइबर ठगों के तार सऊदी अरब से जुड़े हैं। यह खाता विदेशों में बैठे साइबर ठग संचालित कर रहे थे। इस मामले में जांच अभी चल रही है। अन्य आरोपी भी पकड़े जाएंगे।