ग्रेटर नोएडा।
वाहन चोरी होने पर कागजात न देने, सूचना देर से देने के कारण बीमा कंपनी क्लेम देने के इन्कार नहीं कर सकती। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को वाहन की क्लेम राशि का 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
बुलंदशहर निवासी लोकेंद्र कुमार ने इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बाइक का बीमा कराया था। 2017 में सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र से उनकी बाइक चोरी हो गई थी। सूचना पर कंपनी ने जांच के लिए सर्वेयर नियुक्त किया। वाहन मालिक ने सर्वेयर को जरूरी दस्तावेज दे दिए। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी बीमा कंपनी ने क्लेम राशि का भुगतान नहीं किया। 24 दिसंबर, 2019 को कंपनी ने 45 हजार रुपये का क्लेम निरस्त करने की सूचना उनको दी।
क्लेम नहीं मिलने पर वाहन मालिक ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। आयोग में सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वाहन चोरी की सूचना देर से दी गई। वाहन की चाबी और जरूरी दस्तावेज मुहैया नहीं कराए गए जिसके चलते क्लेम को निरस्त कर दिया। आयोग ने दोनों पक्षों के साक्ष्य का अवलोकन किया। आयोग ने माना कि शिकायत करने वाले ने चोरी की तुरंत रिपोर्ट कराई।
सर्वेयर के साथ सहयोग किया। उसके मांगे गए दस्तावेज देकर पॉलिसी की शर्तों का काफी हद तक पालन किया। शिकायत करने वाले को मानसिक तकलीफ, पैसे की तंगी और परेशानी हुई है, जिसके लिए उसे मुआवजा मिलना चाहिए। आयोग ने क्लेम के 45 हजार रुपये 6 फीसदी सालाना ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया है। दो हजार रुपये वाद व्यय के भी देने होंगे।