- डेढ़ लाख सैलरी प्रतिमाह है वेतन, 2015 में आईआईएम इंदौर से किया था एमबीए, सॉल्वर गैंग से जुड़े होने की आशंका
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। परीक्षार्थी के स्थान पर बैंक क्लर्क की परीक्षा दे रहा गिरफ्तार आईआईएम डिग्रीधारी सॉल्वर बिहार और मध्य प्रदेश में बैंक क्लर्क की कई परीक्षा दे चुका है। पुलिस का दावा है कि यूपी में पहली बार वह दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दे रहा था। पुलिस उसके सॉल्वर गैंग से जुड़े होने की आशंका जता रही है। पुलिस की टीम मामले की जांच में जुटी है।
नोएडा सेंट्रल की एसीपी प्रथम वर्णिका सिंह के मुताबिक जांच में कई तथ्यों की जानकारी मिली है। आरोपी पटना निवासी विश्व भास्कर ने आईआईएम इंदौर में वर्ष 2013 में एमबीए में दाखिला लिया था। वर्ष 2015 का एमबीए पास आउट हुआ। उसने कई कंपनियों में नौकरी की। फिलहाल वह गुरुग्राम की बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम कर रहा है। जहां इसकी मासिक सैलरी करीब डेढ़ लाख रुपये है।
नोएडा पुलिस ने आरोपी विश्व भास्कर को शनिवार को सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र से उस वक्त गिरफ्तार किया था। जब वह बैंक क्लर्क की परीक्षा में मोहित कुमार मीना की जगह परीक्षा दे रहा था। इसके लिए उसने 50 हजार रुपये लिए थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि परीक्षा में बैठने से पहले उसे 25 हजार रुपये मिल गए थे। शेष रकम परीक्षा के बाद मिलने थे। आरोपी ने अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए, जो इस तरह के काम में शामिल हैं। पुलिस उन आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करेगी।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने पहले बिहार व मध्यप्रदेश में बैंक क्लर्क की कई परीक्षाओं में सॉल्वर के रूप में बैठ चुका है। वह किसी बिचौलिए के माध्यम से सॉल्वर के रूप में बैठता था। हालांकि पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी किसी न किसी सॉल्वर गैंग के साथ जुड़ा है। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल से अहम सुराग मिल सकते हैं और पुलिस गिरोह के अन्य जालसाजों तक पहुंच सकती है।
बैंक अकाउंट भी होगी जांच
पुलिस विश्व भास्कर के बैंक अकाउंट की भी जांच करेगी। इसके खाते में मौजूद रकम के स्रोत की जांच की जाएगी। पूछताछ के दौरान जिन संदिग्ध लोगों के नाम भी सामने आए हैं उनसे भी पुलिस सवाल करेगी।