यमुनानगर। प्राचीन श्री कालेश्वर महादेव मठ कलेसर में गत दिनों बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त हुए नवग्रह देवता मंदिर से मूर्तियां हटाकर नए स्थान पर स्थापित की गईं। इसी के मद्देनजर रविवार को नवग्रह देवताओं की शांति के लिए पूजा अर्चना की गई।
मंदिर के महंत स्वामी शांता नंद ने कहा कि वैदिक संस्कृति के अनुसार मूर्ति स्थापना के समय हवन पूजन पुरातन वैदिक परंपरा रही है। श्री गणेश महादेव के पुत्र तो हैं ही परमात्मा भी हैं। वैदिक परंपराओं के अनुसार हवन से ही पूजन पूर्ण होता है। श्री कालेश्वर महादेव मठ कलेसर में 16 अगस्त को बारिश के दौरान बिजली गिर गई थी। मंदिर के महंत स्वामी शांतानंद ने बताया कि नए भव्य नवग्रह मंदिर का निर्माण फिर से शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल नवग्रह देवताओं की चल रूप में स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि रुड़की के तकनीकी विशेषज्ञों की राय के बाद नवग्रह देवताओं के मंदिर के क्षतिग्रस्त शिखर को तोड़ने का कार्य शुरू किया जाएगा। उसके उपरांत नवग्रह देवता मंदिर का निर्माण शुरू होगा। इस दौरान हवन में मुकुंद भारती, स्वामी सदानंद, रामशरण, डॉ बृजेश शर्मा, गुरदीप सिंह आदि ने भाग लिया।