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Noida News: रैली में मिहिर भोज की प्रतिमा से गुर्जर समाज को साधा

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रैली में मिहिर भोज की प्रतिमा से गुर्जर समाज को साधा
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- प्रतिमा को गंगाजल से धोया, रैली में मिहिर भोज के आगे गुर्जर शब्द को लेकर विवाद पर भी सत्ता पक्षा को घेरा
राजेश भाटी
ग्रेटर नोएडा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी समानता भाईचारा रैली में पश्चिम उत्तर प्रदेश के 32 जिलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को बुलाया गया। रैली से पूर्व सीएम ने गुर्जर समाज को साधा है। रैली में पहुंचने के साथ ही अखिलेश यादव ने गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को पुष्प अर्पित करने के साथ गंगाजल से शुद्धीकरण किया।

अखिलेश यादव ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार का बिगुल यहीं से बजाया है। पहले यह कार्यक्रम गुर्जर समाज का था लेकिन जाति के नाम से कार्यक्रम पर रोक लगने के बाद इसको दूसरा नाम दिया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व गुर्जर समाज के 70 लोगों की टीम ने किया। यहां से पूर्व सीएम ने गुर्जर समाज को साधा है। इसके लिए उन्होंने गंगाजल से सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का भी शुद्धीकरण किया। साथ ही गुर्जर समाज के क्रांतिकारियों का नाम भी लिया। कार्यक्रम का संचालन सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी और अध्यक्षता पूर्व सांसद हरीश पाल ने की।
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खुद चलकर रैली में पहुंची है भीड़ : राजकुमार भाटी
राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि भाजपा की रैली की तरह भीड़ एकत्र नहीं की है। लोग अपने साधन, अपनी मर्जी से खुद चलकर आए है। यह इस बात का सबूत है कि यूपी की जनता बदलाव के लिए तैयार है। वर्तमान शासन व जातिवादी नीतियों से परेशान आ चुकी है। अखिलेश यादव को यूपी का मुख्यमंत्री देखना चाहती है। जब जनता तय कर लेती है कि बदलाव करना है तो फिर कोई चुनाव आयोग, नीति, सीबीआई, गुंडा और बदमाश बदलाव को नहीं रोक पाता है। यह रैली नहीं बल्कि अभियान है। जो पिछले साल शुरू किया गया। जनता रैली सुनने नहीं बल्कि यूपी की सरकार बदलने आए हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति ने प्रतिमा को कलंकित कर दिया था। अब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुद्धीकरण किया है। पुष्प अर्पित करने के बाद गंगाजल से अभिषेक किया गया।
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किसानों को भी दिया आश्वासन
उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किसानों को उनकी जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा और जिन किसानों को 4 व 6 प्रतिशत भूखंड नहीं मिले हैं। उन्हें उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा। कर्मचारियों को लेकर उन्होंने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का आश्वासन दिया, जो लंबे समय से कर्मचारियों की प्रमुख मांग रही है। इसके अलावा महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू करने और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर फर्जी मुकदमों व कथित फर्जी मुठभेड़ को समाप्त करने का भी वादा किया।
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