-दिव्यांगजनों के लिए पंडाल में विशेष व्यवस्था, रैंप से लेकर आरक्षित सीट तक की व्यवस्था
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खुशी शर्मा
नोएडा। सेक्टर-61 में बलाका दुर्गोत्सव समिति अपने 18वें वर्ष में प्रवेश के साथ इस बार दुर्गा पूजा को खास बनाने की तैयारी में जुटी है। बंगाल से आए करीब 30 कारीगर पिछले 10 से 15 दिनों से फोम और अन्य सामग्री से पंडाल को आकार देने में जुटे हैं। इस बार पंडाल की थीम कोलकाता के प्रसिद्ध विक्टोरिया मेमोरियल पर आधारित है। सफेद रंग में तैयार हो रहा पंडाल दूर से संगमरमर से बनी भव्य इमारत जैसा नजर आएगा।
कारीगर फोम से विक्टोरिया मेमोरियल की प्रतिकृति तैयार करने के साथ मां दुर्गा के भव्य दरबार को भी आकार दे रहे हैं। पृष्ठभूमि, शेर, मोर और अन्य सजावटी आकृतियों पर कारीगर हाथों की बारीकी दिखा रहे हैं। इन संरचनाओं पर रंग-रोगन के बाद पंडाल की खूबसूरती और निखरेगी। इस वर्ष दुर्गोत्सव का बजट करीब 40 से 45 लाख रुपये रखा गया है। आयोजन में सेक्टर-61 आरडब्ल्यूए का भी सहयोग मिल रहा है। पंडाल में मां दुर्गा की 12 फीट ऊंची प्रतिमा आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी।
पहली बार दिव्यांगजनों के लिए विशेष इंतजामः बलाका दुर्गोत्सव समिति के महासचिव संदीप भट्टाचार्य ने बताया कि इस बार आयोजन को यूनेस्को की ओर से भी पहचान मिली है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूजा में दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। पंडाल में रैंप बनाया जाएगा, जिससे व्हीलचेयर के जरिए आसानी से प्रवेश और निकास हो सकेगा। जरूरत के लिए एक-दो व्हीलचेयर उपलब्ध रहेंगी और दिव्यांगजनों के लिए बैठने की सीटें भी आरक्षित की जाएंगी।
छह से 60 वर्ष तक के कलाकार देंगे प्रस्तुतिः 16 से 21 अक्टूबर तक चलने वाले उत्सव में आसपास के सेक्टरों के करीब 140 शास्त्रीय नृत्य कलाकार प्रस्तुति देंगे। भरतनाट्यम और कथक के साथ 40 गायक और 15 नाटक कलाकार भी कार्यक्रमों में शामिल होंगे। खास बात यह होगी कि छह वर्ष के बच्चों से लेकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के कलाकार एक ही मंच साझा करेंगे। 19 अक्टूबर को नृत्यांजलि नृत्य अकादमी के 73 बच्चे भरतनाट्यम और रवींद्र नृत्य की विशेष प्रस्तुति देंगे।
सफेद रंग में दिखेगी कोलकाता की झलकः पंडाल को पूरी तरह सफेद रंग में तैयार किया जा रहा है, ताकि विक्टोरिया मेमोरियल की सफेद संगमरमर वाली पहचान को उकेरा जा सके। करीब 15 कारीगर फोम से इसकी प्रतिकृति तैयार कर रहे हैं। भारतीय और यूरोपीय स्थापत्य शैली के मेल के लिए प्रसिद्ध विक्टोरिया मेमोरियल की भव्यता को फोम की कारीगरी के जरिए नोएडा में उतारने की कोशिश की जा रही है।
पंडाल को पूरी तरह सफेद रंग में तैयार किया जा रहा है, ताकि विक्टोरिया मेमोरियल की सफेद संगमरमर वाली पहचान को उभारा जा सके। करीब 15 कारीगर फोम से इसकी प्रतिकृति तैयार कर रहे हैं। भारतीय और यूरोपीय स्थापत्य शैली के मेल के लिए प्रसिद्ध विक्टोरिया मेमोरियल की भव्यता को फोम की कारीगरी के जरिए नोएडा में उतारने की कोशिश की जा रही है।