वीडियो से सीखकर पिछले साल 1150 युवाओं ने लगाई मशीनें, शुरू किया उत्पादन
पेपर बैग बनाने से लेकर उत्पादन की सीख रहे बारीकियां
सरकार दे रही पांच लाख से पांच साल में पांच करोड़ से ज्यादा टर्नओवर का आईडिया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्योग जगत में सक्रिय करने के लिए सरकार आर्थिक के साथ-साथ तकनीकी सहयोग दे रही है। इसके लिए यूपी के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की वेबसाइट पर करीब 300 से ज्यादा प्रकार के उत्पादन, सर्विसिंग, फ्रेंचाइजी शुरू करने के तरीके, उसकी पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट उपलब्ध है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में पिछले साल ऐसे करीब 1150 युवा एंटरप्रेन्योर बने, जिन्होंनें सरकार की ओर से दिए गए 300 से ज्यादा प्रकार के उद्योग शुरू करने के आइडिया का सहारा लेकर अपना उद्योग शुरू किया। इसमें पेपर बैग बनाने से लेकर प्रिंटिंग, प्लास्टिक से लेकर बांस की लकड़ी से बने उत्पाद बनाने तक के वीडियो ट्यूटोरियल वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं, किस तरह की मशीनें लगानी हैं, कब कितना निवेश करना है, हर चरण में किन बातों का ध्यान रखना है, यह सभी जानकारी देने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी वेबसाइट पर उपलब्ध है। एक बार उद्योग शुरू कर दिया, फिर अगले कुछ सालों तक उसे कैसे लगातार जारी रखें, ताकि टर्नओवर बढ़े और उत्पाद की ब्रांडिंग हो, घरेलू से लेकर वैश्विक बाजार से कैसे जुड़ें, इसके लिए एक्सपर्ट की एक टीम भी संवाद करके मार्गदर्शन करेगी।
उत्पादन, सर्विसिंग, फ्रेंचाइजी और बिजनेस ऑन व्हील्स के कई आईडिया उपलब्ध
अधिकारियों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर में जिस तरह तेजी से उद्योग बढ़ रहे हैं, वैसे ही सर्विस सेक्टर भी बढ़ रहा है। वर्तमान में सर्विस सेक्टर में अकेले 80248 से ज्यादा इकाइयां नोएडा में संचालित हैं, जो होटल से लेकर वाहनों-एसी की रिपेयरिंग व अन्य फूडिंग की सर्विसिंग में शामिल हैं। ऐसे में सर्विस सेक्टर में भी लोग तेजी से अपने पैर पसार रहे हैं। वीडियो ट्यूटोरियल में सर्विसिंग, फ्रेंचाइजी लेने, बिजनेस ऑन व्हील्स के तरीके भी उपलब्ध हैं। जहां न जमीन की झंझट रहती है और न ही पैसे की टेंशन।
-
साल-दर-साल उद्योग शुरू करने वाले उद्यमी
वर्ष लाभार्थी
2024-25 300
2025-26 1150
2026-27 95 (मई तक)
-
जिला उद्योग केंद्र से जुड़ रहे बैंक, आईटीआई और डिग्री कॉलेज
जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी युवाओं को सीएम युवा स्वरोजगार योजना के तहत उद्यमी बनाने के लिए बैंकों, आईटीआई और डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी जोड़ा जा रहा है। जहां फोटोग्राफी से लेकर अन्य विषयों की पढ़ाई कर रहे छात्रों, मुद्रा लोन लेने वाले छात्रों को लाभ दिलाने के लिए उन्हें सीधा योजना से जोड़ा जा रहा है, जहां उन्हें पांच लाख रुपये तक का आर्थिक सहयोग और उद्योग शुरू करने की तकनीकें सिखाई जा रहीं हैं।
यूपी सरकार युवाओं को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक मदद के साथ-साथ तकनीकी मदद भी दे रही है। इसके लिए शहर के युवा भी इससे जुड़ने में अपनी रुचि दिखा रहे हैं। जो युवा अपना नया उद्यम शुरू करना चाहते हैं, वह सीधा निदेशालय की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं।
पंकज निर्वाण, डिप्टी कमिश्नर, उद्योग, गौतमबुद्ध नगर