मथुरा। प्रदेश सरकार ने गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। ये घोषणा पेराई सत्र 2025-26 के लिए है। अब गन्ने का मूल्य 370 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। जबकि सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 360 से 390 रुपये प्रति कुंतल किया गया है। सरकार के इस निर्णय से किसानों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जबकि जनपद में लगभग 301 हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है। ये खेती नौहझील और छाता क्षेत्र में की जाती है। किसानों का कहना है कि बढ़ोतरी स्वागत योग्य तो है, लेकिन यह उत्पादन लागत और महंगाई के अनुपात में बहुत कम है।
डीजल, खाद, मजदूरी और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में 30 रुपये की बढ़ोतरी से खास राहत नहीं मिलेगी। सरकार ने ये चुनाव से पहले दाना किसानों को दाना डाला है। मीरा चौधरी, जिला अध्यक्ष भाकियू टिकैत
30 रुपये से किसानों को फायदा नहीं होने वाला है। हमें गन्ने का मूल्य हरियाणा सरकार के बराबर चाहिए। संगठन मुफ्फरनगर और मेरठ में गन्ना मूल्य में अच्छी बढ़ोतरी के लिए आंदोलनरत है। संजय पाराशर, जिलाध्यक्ष भाकियू चढ़ूनी
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मथुरा में गन्ना खेती बेहद कम है। पिछले साल नौहझील और छाता के किसानों से 11 हजार कुंतल गन्ना बुलंदशहर की चीनी मिल में भिजवाया था। जिसका उन्हें मूल्य भी मिल गया है। किसान अब इस बात की उम्मीद जता रहे हैं कि सरकार समय पर भुगतान सुनिश्चित कर उन्हें वास्तविक लाभ पहुंचाएगी।
आवेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी