मकान मालिक को हनी ट्रैप में फंसने वाली युवती दो साथियों के साथ गिरफ्तार
-बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में सादोपुर की झाल का मामला, आरोपियों से 40 हजार बरामद
-किराये पर कमरा लेने के तीन दिन बाद रसोई का सिंक खराब के बहाने कमरे में बुलाया
-रेप केस में फंसाने की धमकी देकर मांगे थे एक करोड़, 2.50 लाख में हुआ समझौता
-पूरे पैसा नहीं देने पर पुलिस को दी थी रेप की सूचना, जांच में गिरोह की खुली पोल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बादलपुर कोतवाली पुलिस ने हनी ट्रैप में फंसाकर लोगों से पैसे हड़पने के आरोप में एक युवती समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सादोपुर की झाल निवासी एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने रेप में फंसाने की धमकी देकर एक करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन पीड़ित के साथ 2.50 लाख रुपये में समझौता हुआ। पूरा पैसा नहीं देने पर समझौता बिगड़ गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये बरामद किए है। आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी जेहरा व बादल डेढ़ा व गाजियाबाद निवासी प्रिस के रूप में हुई है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि 22 फरवरी की सुबह जेहरा नाम की एक 19 साल की युवती ने डायल 112 पर फोन कर रेप की सूचना दी थी। रेप का आरोप मकान मालिक पर लगाया। सूचना पर बादलपुर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी कैमरों के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की। पीड़ित ने घटना सुबह 7:30 से 8:30 बजे के बीच बताई। जबकि पुलिस को सूचना दोपहर 1:30 बजे के करीब दी। सीसीटीवी कैमरों की जांच में पता चला है कि उस समय युवती की बड़ी बहन भी कमरे में मौजूद थी। शक होने पर जांच की तो पता चला कि युवती दोनों युवकों के साथ मिलकर लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर पैसा वसूलने का गिरोह चला रही है। सच सामने आने पर पुलिस ने रेप का झूठा आरोप लगाने वाली युवती जेहरा निवासी नार्थ ईस्ट सुल्तानपुरी दिल्ली के साथ उसके दो साथी बादल डेढ़ा उर्फ कालू सिंह निवासी दल्लूपुरा दिल्ली और प्रिंस निवासी गढ़ी कटैया गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया। जेहरा दो वर्ष से दिल्ली में बादल के मकान में किराए पर रहती है। वहीं से दोनों की मुलाकात हुई। जबकि प्रिंस से गाजियाबाद के लोनी में काम की तलाश के दौरान मुलाकात हुई थी।
बादल के पुराने नाम कालू ने खोल दी गिरोह की पोल
आरोपी बादल डेढ़ा का पुराना नाम कालू सिंह था। उस पर दिल्ली, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न थानों में हत्या, लूट आदि के 12 मुकदमे दर्ज हैं। डीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ रेप का झूठा आरोप लगाया। पूछताछ के दौरान बादल का पुराना नाम पता चला। जिसके बाद उसका आपराधिक रिकॉर्ड मिल गया। दिल्ली में भी इन लोगों ने इस तरह लोगों को फंसाया है।
एक करोड़ मांगे पर 2.50 लाख में हुआ समझौता
पुलिस ने बताया कि 19 फरवरी को आरोपी युवती ने पीड़ित मकान मालिक के यहां किराये पर कमरा लिया। तीन दिन बाद युवती ने रसोई की सिंक खराब होने के बहाने मकान मालिक को कमरे में बुलाया। वहां काफी देर तक बातों में लगाए रखा। 30 मिनट से अधिक समय बाद मकान मालिक बाहर आया। कुछ देर बाद आरोपियों ने मकान मालिक पर रेप का आरोप लगा दिया और रेप करने पर 10 साल या आजीवन कारावास की सजा का डर दिखाया। अन्य आरोपी भी वहां पहुंच गए। आरोपियों ने मकान मालिक से समझौते में एक करोड़ की मांग की, लेकिन समझौता 2.50 लाख में हुआ। इसमें से मकान मालिक ने 50 हजार रुपये दे दिए थे। बाकी पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने रेप का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की। इसमें से पुलिस ने 40 हजार बरामद किए है।
गाजियाबाद में मकान मालिक से हड़पे थे 5.50 लाख
आरोपी युवती ने दो नवंबर, 2024 में गाजियाबाद की अंकुर विहार कॉलोनी में एक मकान में किराये पर कमरा लिया था। 8 दिन रहने के बाद युवती ने मकान मालिक के नाबालिग बेटे पर रेप का आरोप लगा दिया। उसको भी कमरे में बुलाया था। आरोप लगाकर आजीवन कारावास की सजा का डर दिखाया। तब भी आरोपियों ने एक करोड़ की मांग की, लेकिन 5.50 लाख रुपये में समझौता हुआ।
गाजियाबाद पुलिस साथ देती तो बच जाता परिवार
जांच में पता चला है कि गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती थी। पीड़ित ने पुलिस से गुहार लगाई थी, लेकिन आरोपी मामला दर्ज कराने के लिए उच्च अफसरों तक पहुंच गए। वहां से दबाव होने के कारण कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। जिससे आरोपियों के हौंसले बढ़ गए। अगर पुलिस सही से जांच करती तो आरोपी की पोल तभी खुल जाती। आरोपी युवती व बादल 10वीं फेल हैं। जबकि प्रिंस बीए पास है।
आरोपी दोनों युवक अपनी कार से दिल्ली एनसीआर में घूमकर पैसे वालों मकान मालिकों को चिन्हित करते थे। उसके बाद युवती को वहां पर किराए पर कमरा दिलाते थे। फिर रेप का आरोप लगाकर पैसे वसूलने का काम कर रहे थे। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
-शक्ति मोहन अवस्थी, डीसीपी सेंट्रल नोएडा