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Noida News: अदालत में शादी की बात से मुकरी युवती

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-खंडपीठ ने पति की हेबियस कॉर्पस याचिका खारिज की
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गौरव बाजपेई
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक हेबियस कॉर्पस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें फारुख कुरैशी ने अपनी कथित पत्नी सिमरन कुरैशी को लाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का दावा था कि सिमरन को उसके माता-पिता ने राजस्थान के धौलपुर में अवैध रूप से हिरासत में रखा है। सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रैंसिंग से पेश हुई युवती ने शादी की बात नकार दी और पिता के साथ रहने की बात कही। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति मनोज जैन की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही थी।
फारुख ने दावा किया कि उसने 11 सितंबर 2025 को निजामुद्दीन पूर्व, दिल्ली में इस्लामिक रीति-रिवाजों से सिमरन से शादी की थी और दोनों कबीर नगर, उत्तर पूर्व दिल्ली में साथ रह रहे थे। शादी की जानकारी देने पर सिमरन के माता-पिता ने कथित तौर पर हिंसक प्रतिक्रिया दी और जान से मारने की धमकी दी। बाद में वे नरम पड़े और शादी को स्वीकार कर लिया। कुछ दिनों बाद सिमरन के पिता और भाई दिल्ली आए और उसे राजस्थान ले गए, यह वादा करते हुए कि वह एक सप्ताह बाद वापस लौट आएगी। लेकिन इसके बाद फारुख का सिमरन से कोई संपर्क नहीं हो सका।
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अदालत में युवती ने शादी से किया इंकार
कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुई सिमरन ने शादी के दावे से इंकार किया। उसने बताया कि वह 23 साल की है, स्नातक पूरी कर चुकी है और अपने परिवार के साथ रहना चाहती है। उसने स्पष्ट किया कि वह फारुख के साथ नहीं जाना चाहती। कोर्ट ने पाया कि चूंकि सिमरन वयस्क है और अपनी इच्छा से निर्णय ले सकती है, कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
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