नोएडा। बंदरों को भगाने के लिए धूप में बांधे गए दो लंगूरों को वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मुक्त कराया है। इन दोनों लंगूरों को वन विभाग के अधिकारियों ने सूरजपुर स्थित वेटलैंड में छोड़ दिया है। यह पूरी कार्रवाई पशु प्रेमी संस्था की पदाधिकारी कावेरी भारद्वाज की शिकायत पर की गई। इस मामले में वन विभाग ने वन्य पशु संरक्षण अधिनियम के तहत मामला भी दर्ज किया है। हालांकि, अभी इस प्रकरण में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
कावेरी भारद्वाज के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली थी कि सेक्टर-168 की सनवर्ल्ड और एक अन्य सोसाइटी में दो लंगूरों को भूखा-प्यासा धूप में बांधा गया है। इन बंदरों को स्थानीय लोग पशु माफिया की मिलीभगत से सोसाइटी में बंदर भगाने के लिए बांधते हैं। इसके लिए प्रतिमाह पशु माफिया मोटी रकम वसूल करता है। यहां तक चला है कि एक लंगूर की एवज में प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार रुपये तक माफिया सोसाइटी वालों से वसूलते हैं। उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो धूप में बंधे इन लंगूरों की हालत काफी खराब थी। उन्हें खाने के लिए भी कुछ नहीं दिया गया था। यहां तक की उनके पास पानी तक का इंतजाम नहीं था। लंगूरों की दयनीय हालत देखकर उन्होंने तत्काल ही वन विभाग के अधिकारियों को फोन किया।
डीएफओ पीके श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिलते ही उन्होंने एक टीम को तत्काल ही मौके पर रवाना किया। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने इन लंगूरों को मुक्त कराया। इसके बाद दोनों लंगूरों को शाम के समय सूरजपुर में छोड़ दिया गया। डीएफओ ने बताया कि इस मामले में वन्य संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जाएगी। इसमें जितने भी लोग दोषी होंगे, सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।