-संभल, यूपी के लिए उपयोगी।
-ओल्ड गोविंदपुरा में मंगलवार रात हुई दुर्घटना की जांच में हुआ खुलासा
-पहली मंजिल पर लिथियम बैटरी से अवैध रूप से बनाए जाते थे पावर बैंक
-पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतकों के शव किए परिजनों के हवाले
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। शाहदरा जिला के जगतपुरी स्थित ओल्ड गोविंदपुरी की चार मंजिला इमारत में मंगलवार रात लगी आग पावर बैंक की बैटरी में ब्लास्ट होने के बाद लगी थी। दरअसल इमारत की पहली मंजिल पर पावर बैंक बनाने की अवैध फैक्टरी चलाई जा रही थी। आग लगी तो पहली मंजिल पर पांच लोग फंस गए थे। इनमें से दो तनवीर और नुसरत की मौत हो गई। मुशर्रफ और फैजल ने पहली मंजिल से नीचे छलांग लगाकर जान बचाई, वहीं आसिफ बुरी तरह झुलस गया। उसका जीटीबी अस्पताल की आईसीयू में इलाज जारी है। पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद तनवीर और नुसरत का शव परिजनों के हवाले कर दिया। नुसरत का शव लेकर परिजन संभल, यूपी रवाना हो गए हैं।
मंगलवार देर रात एक बार फिर हादसे वाली इमारत में आग भड़क गई थी। दमकल की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। शाहदरा जिला के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि ओल्ड गोविंदपुरा के मकान नंबर-सी-59 की पहली मंजिल पर खुरेजी का रहने वाला तस्लीम पावर बैंक की फैक्टरी चला रहा था। यहां पर नुसरत, तनवीर, मुशर्रफ, आसिफ और फैजल काम करते थे। पावर बैंक में लिथियम की बैट्री लगाई जाती है। पावर बैंक बनाने के बाद चार्ज कर चेक किया जाता है। मंगलवार को पावर बैंक के ओवर चार्ज होने से वह फट गया और वहां आग लग गई। मुशर्रफ ने बताया कि उसने सभी से निकलने को कहा, लेकिन तनवीर और नुसरत अंदर बाथरूम में घुस गए। जबकि, मुशर्रफ और फैजल ने पहली मंजिल से नीचे कूदकर जान बचा ली।
हालांकि कूदने की वजह से फैजल भी जख्मी हो गया था। आसिफ वहीं फंसकर बुरी तरह झुलस गया था। तनवीर और नुसरत की मौत हो गई। इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर लहंगा बनाने का काम होता है। हादसे के समय वहां पांच लोग मौजूद थे। आग लगते ही वह बराबर वाली इमारत से सुरक्षित निकल गए थे। पुलिस पावर बैंक फैक्टरी के मालिक तस्लीम की तलाश कर रही है। इसके अलावा मुशर्रफ और फैजल के बयान लेकर मामले की छानबीन की जा रही है।