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Noida News: किराया अधिक होने से उद्यमियों को पसंद नहीं आ रही फ्लैटेड फैक्ट्री

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- वर्ष 2022 से बनकर तैयार है 16 फ्लैटेड फैक्ट्री, केवल तीन को मिले किरायेदार, पर नहीं लगी अभी यूनिट
करोड़ों की लागत से तैयार फ्लैटेड फैक्ट्री को उद्यमियों का इंतजार
- बाहर सस्ते में मिली रही जगह
माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा।
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की फ्लैटेड फैक्ट्री का किराया अधिक होना उद्यमियों को रास नहीं आ रहा। यही कारण है कि चार साल में केवल तीन की फैक्ट्री को किरायेदार मिल सके हैं। उनमें भी 10 माह बाद अब तक यूनिट नहीं है। वहीं पिछले 10 माह से यूपीसीडा लगातार प्रयास कर रहा, लेकिन बाकी फैक्ट्री को कोई उद्यमी नहीं मिल रहा है। ऐसे में प्राधिकरण की फ्लैटेड फैक्ट्री की योजना सफल नहीं हो रही है। फ्लैटेड फैक्ट्री के मुख्य भवन में ताला लटका है।
दिल्ली में जगह न होने के चलते नोएडा और ग्रेनो का कर रहे रुख : दिल्ली में जगह न होने के कारण उद्यमी नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रुख कर रहे हैं। इनमें काफी छोटे उद्यमी शामिल हैं, लेकिन औद्योगिक भूखंडों की ज्यादा कीमत होने के कारण वो खरीद नहीं पा रहे हैं। उद्यमी किराये की फैक्ट्री तलाश कर रहे हैं। उनकी जरूरत को ध्यान में रखकर यूपीसीडा ने सेक्टर साइट-5 स्थित एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रीयल पार्क (ईपीआईपी) में फ्लैटेड फैक्ट्री तैयारी की थी। वर्ष 2022 में 1.75 करोड़ की लागत से 16 फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण हुआ था।। कुल 17347 वर्गमीटर क्षेत्रफल में 16 फैक्ट्री बनी है। यहां 2337 वर्गमीटर में फ्लैटेड फैक्ट्री और बाकी जमीन को ओपन एरिया के रूप में प्रयोग किया जाएगा। फ्लैटेड फैक्ट्री भूतल, प्रथम व द्वितीय तल पर हैं। निर्माण पूरा होने के बाद यूपीसीडा ई-नीलामी से आवंटन करने की प्रक्रिया कर रहा है। ई-नीलामी का रिजर्व प्राइस भी तय है, लेकिन बाजार से अधिक होने के कारण उद्यमी वहां नहीं पहुंच रहे हैं। चार साल में केवल तीन फैक्ट्री को उद्यमी मिले हैं।
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ई-नीलामी से तीन फ्लैटेड फैक्ट्री का आवंटन हुआ है। हालांकि उन्होंने अभी यूनिट चालू नहीं की है। जल्द ही तीनों कंपनी उत्पाद शुरू करेंगी। बाकी फैक्ट्री के आवंटन की प्रक्रिया चल रही। बाजार दर के आधार पर ही किराया तय किया गया है।
अनिल शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा
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