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Noida News: मीटर बनाने वाली कंपनी में 40 घंटे बाद भी नहीं बुझी आग

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- 32 दकमल वाहन और 100 से अधिक दमकलकर्मी कर रहे प्रयास, बेसमेंट से निकल रहा धुआं
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- बिल्डिंग के अंदर शव फंसे होने के कयास, पुलिस और अग्निशमन विभाग का इन्कार

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम कंपनी में लगी आग पर 40 घंटे बाद भी काबू नहीं पाया जा सका है। हादसे के दूसरे दिन शुक्रवार को भी आग बुझाने का काम जारी रहा। पूरे दिन दमकल की 32 दमकल की गाड़िया आग बुझाने का प्रयास करती रहीं। देर रात तक 100 से अधिक दमकल कर्मी मौके पर जुटे रहे। कंपनी की इमारत के बिल्डिंग के अंदर कुछ लोगों के शव होने की आशंका जताई गई। हालांकि पुलिस और अग्निशमन विभाग ने इससे इन्कार किया है।

सेक्टर-4 स्थित कंपनी में बृहस्पतिवार सुबह करीब 5:30 बजे आग लग गई थी। हादसे के वक्त कंपनी की तीन मंजिला इमारत में रात्रि शिफ्ट में 300 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। बेसमेंट से शुरू हुई आग की लपटों दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। जान बचाने के लिए कंपनी के कर्मचारी दूसरी व तीसरी मंजिल से लोग कूद गए थे। इनमें 37 लोग घायल हो गए थे।
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इस बीच अग्निशमन विभाग ने इमारत के कई हिस्सों की आग को काबू कर लिया है। लेकिन बेसमेंट की आग पर काबू नहीं किया जा रहा है। फैक्ट्री में डबल बेसमेंट बना हुआ है। इसमें मीटर बनने के लिए प्लास्टिक के दाने रखे हैं। काफी कोशिश के बाद भी यहां की आग पर काबू नहीं किया जा रहा है। बुलडोजर से बेसमेंट को तोड़कर पानी डालने के बाद भी आग नहीं बुझ रही है।

शुक्रवार को दिन भर एक तरफ आग बुझाने का काम जारी था तो दूसर तरफ फैक्ट्री के अंदर शव मिलने की चर्चा बनी रही। घटना के बाद आसपास के लोगों और कर्मचारियों के बीच अलग-अलग तरह की बातें चलती रही।



बेटे के नहीं मिलने पर मचा कोहराम, पिता पहुंचे फैक्ट्री

हादसे के बाद कंपनी में कर्मी मूलरूप से कन्नौज निवासी उपेंद्र का दो दिन से सुराग नहीं मिला है। इससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उपेंद्र बुधवार शाम को वह फैक्ट्री आए थे। बृहस्पतिवार सुबह जब आग लगी तब से वह नहीं मिले। बेटे के घर नहीं पहुंचने पिता फैक्ट्री पहुंच गए। उन्होंने बेटे की तलाश करने के लिए पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई। इसके बाद उन्होंने बेटे की गुमशुदगी पुलिस में दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि उसके मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की गई जिसमें उसका लास्ट लोकेशन सेक्टर-4 ही दर्ज है। उपेंद्र के पिता श्रवण कुमार ने बताया कि उसका बेटा एक साल से कंपनी में काम करता है।



बिल्डिंग गिरने का भी खतरा

आग से बिल्डिंग गिरने का भी खतरा बना हुआ है। दरअसल डबल बेसमेंट में भयंकर आग लगने से नींव कमजोर हो गई है और लगातार पानी के बौछारें दी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि बिल्डिंग गिर भी सकती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि रिहायशी इलाके में बेसमेंट में काम होना नियमों के खिलाफ है।
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कोट

शुक्रवार को भी आग बुझाने का काम जारी रहा। देर रात तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा। कंपनी के अंदर किसी के भी फंसे होने की सूचना नहीं है। अग्निशमन विभाग की टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। - प्रदीप चौबे, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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