नई दिल्ली। दिल्ली की सांस्कृतिक शाम शुक्रवार को उस समय खास बन गई, जब इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के समवेत सभागार में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शॉर्ट फिल्म सेल्फी प्लीज को प्रदर्शित किया गया। दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी और आईजीएनसीए के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस स्क्रीनिंग ने दर्शकों को भावुक भी किया और सोचने पर मजबूर भी।
फिल्म की लेखिका और निर्देशक अनु सिंह चौधरी ने बड़ी ही मार्मिकता से एक ऐसे परिवार की कहानी दिखाई है, इसमें डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बड़ी बहन के कारण छोटी बहन उपेक्षित महसूस करती है। कार्यक्रम का उद्घाटन रंगमंच विशेषज्ञ मालविका जोशी और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठर ने किया। जोशी ने कहा कि फिल्म का विषय बेहद संवेदनशील है। प्रो. लाठर ने उच्च शिक्षा को थिएटर और मीडिया से जोड़ने पर बल दिया। फिल्म के प्रदर्शन के बाद बाद द मिथ ऑफ अ नॉर्मल फैमिली विषय पर संवाद आयोजित किया गया। इसमें अनु सिंह चौधरी, मालविका जोशी और आईकैनथिंक की संस्थापक दीपा गर्वा ने अपने विचार साझा किए। आईजीएनसीए मीडिया सेंटर प्रमुख अनुराग पुनेठा ने कहा कि यह फिल्म हमें संवेदनशील भी बनाती है और शिक्षित भी करती है। संचालन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. संजीव राय ने किया। ब्यूरो