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मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी नहीं हुई उलेटा और दुबालू माइनर की खुदाई

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अंतराम खटाना
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नूंह। इंडरी खंड में दशकों पुरानी उलेटा व दुबालू माइनर की खुदाई की मांग को प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक पूरा नहीं कराया गया है। माइनर की गहराई कम होने से इसमें कम पानी आता है। इस वजह से कई गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता। हर साल कम होती बरसात व कृषि संसाधनों के अभाव से क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल को पकाने के लिए काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों की इस मांग को कांग्रेस की भांति भाजपा सरकार ने भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के बाद भी कोई तवज्जो नहीं दी है।
27 जनवरी 2015 को प्रदेश के तत्कालीन कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किरा गांव में नागरिक अभिनंदन समारोह में इस मांग को तुरंत पूरा कराने का आश्वासन दिया था। वर्ष 2017 में भाजपा की विकास रैली में सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इस मांग को पूरा कराने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिससे किसानों में सरकार व प्रशासन के प्रति भारी रोष पनप रहा है। क्षेत्र के लोगों ने फिर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मांग को जल्द पूरा कराने की अपील की है।
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पूर्व चेयरमैन बीरेंद्र, कृष्ण नंबरदार व नितिन खटाना गांगोली, जगन जिला पार्षद खेड़ली दोसा, कमल सरपंच, प्रवीन चेयरमैन, रणजीत नंबरदार, देवी सिंह प्रधान इंडरी, योगेश तंवर, आनंद सरपंच आटा, गजराज पूर्व सरपंच ऊदाका, मास्टर गंगादान डागर, संतलाल सरपंच खेड़ा खलीलपुर, मास्टर देखराज छछेड़ा, जगदेव सरपंच दुबालू, दलबीर पूर्व सरपंच छपेड़ा, बीरपाल सरपंच कालियाका, नारायण सरपंच मेलावास व सुखबीर गुर्जर खेड़ली दोसा का कहना है कि उनकी इस जायज मांग को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे। इसके अभाव कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मांग को पूरा नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले को उठाएंगे। संवाद
इनसेट
इन गांवों को मिलेगा लाभ
करीब 7 किलोमीटर की लंबाई की दुबालू व उलेटा माइनर में खुदाई होने से इसकी गहराई बढ़ जाएगी और पानी अधिक आएगा व दूर के गांवों तक पहुंचेगा। इससे क्षेत्र के उलेटा, हसनपुर, खेड़ा खलीलपुर, इंडरी, खेडली दोसा, गांगोली, दुबालु, किरा, छपेड़ा, छछेड़ा व आलदौका सहित कई गांवों के किसान लाभान्वित होंगे।
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किसानों को होता है नुकसान
दुबालू माइनर से लगते गांव गांगोली, दुबालू, खेड़ली दोसा व छपेड़ा आदि में हर वर्ष पड़ोस के पलवल जिले के मंडकोला गांव से भारी बरसात का पानी आ जाता है। माइनर की खुदाई नहीं होने से यह पानी आगे नहीं जा पाता और यहीं जमा हो जाता है। इस कारण किसानों के खेतों में खड़ी हजारों एकड़ फसल नष्ट हो जाती है। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
समाधान कराएंगे
इस मामले की जानकारी जुटाई जाएगी। ग्रामीणों की जो भी समस्याएं हैं, उनका समाधान कराया जाएगा।
शक्ति सिंह, जिला उपायुक्त
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