-श्रमिकों से जुड़ी तीन मांगों और 15 उद्यमियों की समस्याओं को करेंगे पेश
-हाई पॉवर कमेटी में शामिल किए गए थे नोएडा के उद्यमी
-एनईए ने बैठक कर उद्यमियों से कहा, पूरी क्षमता के साथ करें कार्य
ऋषभ कौशल
नोएडा। शहर में कामगारों के हिंसक प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार की ओर से गठित की गई हाई पॉवर कमेटी में शामिल नोएडा के उद्यमी शुक्रवार को लखनऊ में 18 बिंदुओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट में उद्यमियों ने नोएडा में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़, उद्योगों में बढ़ी असुरक्षा की भावना समेत भूखंडों से जुड़े नियमों में परिवर्तन व स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर अन्य की बात रखी है।
इसमें से कॉमर्शियल गतिविधि बंद करने वाले उद्योगों के लिए बनी कमेटी को भंग करने। यूनिफाइड रेगुलेशन नीति में बदलाव करके नियमों के अनुरूप व्यवस्था लागू करने। फेज-1,2 और 3 में भूखंड निर्माण में लगने वाले सशुल्क, किराया अनुमति शुल्क आवंटित औद्योगिक भूखंड को छोड़कर केवल किराये पर दिए गए एरिया तक सीमित करने। पीएफ व ईएसआईसी श्रमिकों के वेतन से न काटकर उसे पूर्व की भांति करने की बात कही गई है। साथ ही सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं बढ़ाने से लेकर अन्य मांगों को रखा गया है।
रिपोर्ट में दिल्ली की तर्ज पर नोएडा ग्रेटर-नोएडा में भी अटल रसोई शुरू करने को कहा गया है। एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने बताया कि बृहस्पतिवार को बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि जिन उद्यमियों को अपने श्रमिकों से ओवरटाइम कराना है वे कराएं, जो डबल या ट्रिपल शिफ्ट में उद्योग चलाना चाहते हैं वे चलाएं, यह उनका खुद का निर्णय है।