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अंग्रेजी केवल एक विषय नहीं, बल्कि संवाद, ज्ञान और वैश्विक अवसरों तक पहुंचने का माध्यम है। मेरा मानना है कि हर बच्चा अंग्रेजी सीख सकता है, यदि उसे डर के बजाय आत्मविश्वास और सही वातावरण मिले। शिक्षक का कार्य केवल व्याकरण और पाठ पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों में भाषा के प्रति रुचि और बोलने का साहस विकसित करना भी है। मैं कक्षा में बच्चों को कहानी, कविता, संवाद, रोल प्ले और दैनिक जीवन के सरल उदाहरणों के माध्यम से अंग्रेजी सीखने के लिए प्रेरित करती हूं। मेरा प्रयास रहता है कि बच्चे गलतियां करने से न डरें, क्योंकि हर गलती उन्हें सीखने का अवसर देती है। जब बच्चे खुलकर बोलते हैं, तभी उनका आत्मविश्वास और व्यक्तित्व दोनों निखरते हैं। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में अंग्रेजी का ज्ञान बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। इसलिए हमारा उद्देश्य केवल अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि बच्चों को सक्षम बनाना है जिससे वे किसी भी मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख सकें। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य बच्चों को जीवन के हर क्षेत्र के लिए तैयार करना है।
- दीपा अरोड़ा, अंग्रेजी शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय मामूरा