ट्यूबवेल पर मीटर लगाने पहुंचे थे अधिकारी, हंगामे के बाद लौटे
दनकौर (संवाद)। अस्तौली गांव में रविवार को ट्यूबवेल में बिजली के मीटर लगाने पहुंची विद्युत विभाग की टीम का जमकर विरोध हुआ। किसान मौके पर पहुंच गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों का कहना था कि ट्यूबवेल की बिजली सरकार की ओर से मुफ्त है। इसलिए वहां मीटर लगाने की जरूरत नहीं है।
दनकौर के अस्तौली गांव में रविवार को नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड की टीम पुलिस के साथ किसानों के ट्यूबवेलों पर बिजली मीटर लगाने पहुंची थी। जैसे ही किसानों को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। एनपीसीएल अधिकारियों का कहना है कि न तो सरकार बिजली बिल का भुगतान किया जा रहा है और न ही किसान बिल दे रहे हैं। मीटर लगाए बिना वास्तविक खपत का आकलन संभव नहीं है। किसानों का कहना था कि मीटर लगाने के बाद उनसे बकाया बिल की मांग की जाएगी। पिछले दो वर्षों का बिल भी शामिल होगा। जब बिजली मुफ्त है तो वे बिल कहां से चुकाएं। इस बात को को लेकर दोनों पक्षों में तीखी झड़प भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख विभाग की टीम को बिना मीटर लगाए ही लौटना पड़ा।
किसानों ने गांव में की बैठक
टीम के जाने के बाद किसानों ने गांव में बैठक की। किसानों ने कहा कि ट्यूबवेलों पर मीटर नहीं लगने दिया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि दोबारा मीटर लगाने की कोशिश की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान सूरज भाटी, राजेंद्र नंबरदार, विनोद प्रधान, बलराज प्रधान, तेज सिंह, धनपाल सिंह, भोपाल सिंह, अशोक, मैनेजर धर्मवीर, राजेंद्र, जयपाल समेत अन्य किसान मौजूद रहे।