अस्पताल प्रशासन ने संस्था को पत्र लिखकर मांगा जवाब, कहा, मिल्क बैंक शुरू कर पाएंगे या नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नवजात शिशुओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चाइल्ड पीजीआई में शुरू होने वाला मिल्क बैंक अब संकट में घिर गया है। मिल्क बैंक संचालन के लिए चाइल्ड पीजीआई और सामाजिक संस्थाओं के बीच एमओयू साइन हुए दो साल बीत चुके हैं, लेकिन संस्था की ओर से अब तक कार्य प्रगति नहीं दिखी है। इसी कारण अस्पताल प्रशासन ने संस्था को पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या वे वास्तव में मिल्क बैंक शुरू कर पाएंगे या नहीं।
चाइल्ड पीजीआई ने एनजीओ सुषेण हेल्थ फाउंडेशन और धात्री मिल्क बैंक के साथ मिल्क बैंक स्थापित करने हेतु एमओयू साइन किया था। समझौते के अनुसार अगले दो वर्षों तक मिल्क बैंक का संपूर्ण खर्च एनजीओ वहन करेगा। योजना के तहत चाइल्ड पीजीआई के प्रथम तल पर एनआईसीयू के पास मिल्क बैंक स्थापित किया जाना था।
एमओयू के प्रथम चरण में महिलाओं और उनके परिजनों को स्तनदूध दान (ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन) के लिए जागरूक करना शामिल था। इसके साथ ही तकनीकी स्टाफ को मिल्क स्टोरेज, पाश्चराइजेशन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए प्रशिक्षण देना था।
चाइल्ड पीजीआई के निदेशक डॉ एके सिंह ने बताया कि संस्था की ओर से हुई देरी को देखते हुए उन्हें पत्र लिखकर पूछा गया है कि क्या वे निर्धारित योजना के अनुसार मिल्क बैंक शुरू करने में सक्षम हैं।