फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: परी चौक पर डायवर्जन से छह से आठ किलोमीटर बढ़ी बसों की दूरी

Thu, 09 Oct 2025 06:05 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन
यात्रियों को लग रहा आधा से एक घंटा का अधिक समय
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा से परी चौक होकर आने-जाने वाली बसों को अंसल के सामने से डायवर्ट करके पी-3 से निकालने से छह से आठ किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। यात्रियों को अब आधा से एक घंटा का अधिक समय लग रहा है। लंबी दूरी की बसों के यात्री परेशान हैं। रोडवेज के अधिकारी भी पुराने रूट पर ही बसों का रूट बदलने के लिए प्रयासरत हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जाम में बसों के फंसने से ईंधन और समय अधिक लग रहा है।
नोएडा डिपो से आने वाली बसों को परी चौक से यमुना एक्सप्रेस-वे से होते हुए आगरा समेत अन्य रूटों पर जाना होता है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान पुलिस प्रशासन ने बसों का रूट डायवर्ट कर दिया था। बसों को परी चौक से रोकने के लिए अंसल मॉल के सामने सर्विस रोड से सवारियां लेने का स्थान बनाया गया। उसके बाद सर्विस रोड से होते हुए अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट, डेल्टा-1 गोल चक्कर से होते हुए पी-3 से नोएडा एक्सप्रेस-वे से यमुना एक्सप्रेस की ओर से निकाला जा रहा है। इन बसों को छह किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन

वहीं ग्रेटर नोएडा डिपो की बुलंदशहर से नोएडा जाने वाली बसों को अल्फा-1 से पी-3 से होते हुए निकाला जाता है। करीब आठ किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे से नोएडा जाने वाली बसों को ग्रेटर नोएडा की सवारियों उतारने के लिए अल्फा-1 से डेल्टा-1 होते हुए पी-3 से होकर जाना पड़ रहा है। जिसमें आठ किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है।

कई स्थानों पर फंस रहीं बसें
ग्रेटर नोएडा के अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट, अल्फा-2 गोल चक्कर, डेल्टा-1, स्वर्णनगरी, पी-3 और यमुना प्राधिकरण के सामने रोड पर बसों को जाम से जूझना होता है। इन स्थानों से निकलने के लिए बस को 40 मिनट से एक घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है। जाम में यात्री परेशान रहते हैं।
विज्ञापन











-यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान बसों का रूट डायवर्ट किया गया था। उसको अभी बदला नहीं है। प्रत्येक बस को छह से आठ किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। कई बार जाम के कारण बसों को एक घंटा तक का अधिक समय लग रहा है। रोडवेज को आर्थिक क्षति हो रही है। -अनिल कुमार शर्मा, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें