-5 एमएल की सिरिंज 200 बार और 30 एमएल वाली 102 बार कर सकते थे इस्तेमाल
-5 एमएल सिरिंज की कीमत थी 4.95 रुपये और 30 एमएल की सिरिंज की कीमत थी 6 रुपये
-जेम पोर्टल से 5 एमएल की 60,000 और 30 एमएल की 60,000 सिरिंज ऑर्डर की गई थी
वान्या दीक्षित
नोएडा। जिला अस्पताल ने 1.20 लाख सिरिंज का ऑर्डर दिया था। इनमें 60-60 हजार सिरिंज 30 और पांच एमएल की शामिल थीं। 30 एमएल वाली सिरिंज का इस्तेमाल 102 बार किया जा सकता था और इसकी कीमत छह रुपये थी जबकि पांच एमएल वाली सिरिंज का उपयोग 200 बार किया जा सकता था। इसका दाम 4.95 रुपये था। हालांकि जिला अस्पताल प्रशासन ने इसे तकनीकी गलती बताकर मामले को दबाने का प्रयास किया है। इस मामले में लगातार शासन भी सक्रिय है और स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पांच एमएल वाली 60,000 सिरिंज की कीमत 2,97,000 रुपये और 30 एमएल वाली 60,000 सिरिंज की कीमत 3,60,000 रुपये है। वहीं अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सिरिंज खोले बिना ही वापस कर दी गईं। संबंधित एजेंसी को सिरिंज का कुल 6,57,000 रुपये का भुगतान भी नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि जो सिरिंज इंसानों के लिए इस्तेमाल की जाती है उसका इस्तेमाल एक बार ही किया जाता है लेकिन जानवरों वाली यह सिरिंज 102 से 200 बार इस्तेमाल की जा सकती है। इसके बाद भी ऑर्डर देते समय इस बात का ध्यान नहीं रखा गया।
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बाजार में कीमत और उपयोग अलग-अलग
गौतमबुद्ध जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप खन्ना ने बताया कि इंसानों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक से 10 एमएल तक की सिरिंज का बाजार में दाम छह से 11 रुपये तक है। जानवरों की सिरिंज के दाम भी यही हैं। इसके अलावा इंसानों की सिरिंज एक बार ही इस्तेमाल की जा सकती है जबकि जानवरों वाली सिरिंज का इस्तेमाल कई बार किया जा सकता है।
सीएमएस ने दिया स्पष्टीकरण
मामले में अस्पताल की सीएमएस डॉ. अजय राणा ने सीएमओ को अपना स्पष्टीकरण भेज दिया है। सीएमओ स्तर से यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। स्पष्टीकरण में सीएमएस ने चूक से गलत ऑर्डर होने और अस्पताल तक पहुंचने के बाद ऑर्डर वापस कराए जाने की बात भी स्वीकार की है।
सपा नेता ने कसा तंज
सपा नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने सोशल मीडिया पर जानवरों की सिरिंज मंगवाने के प्रकरण में सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा है कि अब यूपी में जनता की कीमत कुछ नहीं रही। नोएडा जैसे हाईटेक शहर में जब घोटाले और लापरवाही चरम पर है तो पूरे प्रदेश का क्या हाल होगा। एक सामाजिक संस्था ने जिला अस्पताल में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इसमें शनिवार को जिला अस्पताल की लापरवाही और मेडिकल रिपोर्ट बनने के नाम पर 71 हजार रुपये लेने के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा मरीजों के इलाज के लिए जानवरों वाली सिरिंज की खरीद का मामला उठाया है।