फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: लालच, लिंक और लूट का डिजिटल खेल

विज्ञापन
विज्ञापन
जालसाजों ने शेयर बाजार का एक्सपर्ट बनकर किया फोन, लिंक भेजकर एपीके फाइल डाउनलोड कराई, 46 लाख उड़ाए
विज्ञापन


नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पांच लोगों को बनाया ठगी का शिकार


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाज ठगी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर तो कभी बैंक का अधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इतना ही नहीं, वाहन के चालान और मोबाइल बैंकिंग एप अपडेट के नाम पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक किए जा रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऐसे पांच मामलों में ठगों ने लोगों के बैंक खातों से करीब 46 लाख रुपये निकाल लिए। इन मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी एक कंपनी के प्रबंधक मोहित के पास एक व्यक्ति ने शेयर बाजार का एक्सपर्ट बनकर फोन किया। आरोपी ने कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने का दावा किया। इसके बाद मोहित को एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया गया और शुरुआत में छोटी रकम निवेश कराई गई। कुछ समय बाद वेबसाइट पर मुनाफा दिखने लगा। इससे मोहित को आरोपी पर भरोसा हो गया। उन्होंने करीब 15 लाख रुपये निवेश कर दिए।
विज्ञापन

इसी तरह सेक्टर-81 निवासी एक कंपनी के कर्मी से भी शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर करीब पांच लाख रुपये की ठगी की गई। नोएडा निवासी सेवानिवृत्त एनटीपीसी कर्मचारी इंटरनेट मीडिया पर मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तलाश रहे थे। इसी दौरान छह अगस्त को एक महिला ने बैंक कर्मी बनकर उन्हें फोन किया। आरोपी महिला ने नए मोबाइल बैंकिंग एप के बारे में जानकारी दी। इसके बाद एक लिंक भेजकर एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई। फाइल डाउनलोड होते ही ठगों ने मोबाइल में सेंध लगा दी और बैंक खाते से छह लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए। खाते से रकम निकलने के मैसेज मिलने के बाद उन्हें ठगी का पता चला।
विज्ञापन

सेक्टर-55 और सेक्टर-73 निवासी दो लोगों को मोबाइल पर वाहन चालान से संबंधित एपीके फाइल भेजी गई। आरोपियों ने चालान भरने या जानकारी देखने के लिए फाइल डाउनलोड करने को कहा। फाइल डाउनलोड होते ही ठगों ने मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर लिया। इसके बाद दोनों लोगों के खातों से अलग-अलग 20 लाख रुपये निकाल लिए। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इस मामलों में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज है और मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें