मोहाली। धान की पराली का निपटान जिले के भीतर किया जाना चाहिए। इसके बाद ही मशीनरी को जिले से बाहर ले जाया जाना चाहिए। बेलर संचालकों और धान की पराली पर आधारित बॉयलर वाली औद्योगिक इकाइयों के साथ एक संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कर डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि वे सभी किसानों को समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी प्राप्त मशीनरी की आवाजाही पर कड़ी नजर रखें।
उपायुक्त कोमल मित्तल ने कहा कि जिले में धान की पराली पर आधारित बॉयलरों से सुसज्जित औद्योगिक इकाइयों की कुल खपत क्षमता 3.5 लाख टन है। यह पराली की उपलब्धता से कहीं ज्यादा है। उन्होंने इन इकाइयों से अपील की कि वे अपने गृह जिले के प्रति अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी समझकर जिले के भीतर से ही पराली ईंधन प्राप्त करें। जिले के किसान गांवों, सहकारी समितियों, जिला वेबसाइट या नियंत्रण कक्ष के नंबरों पर संपर्क करके भी उपलब्ध मशीनों की सूची प्राप्त कर सकते हैं। इसमें डीसी कार्यालय नियंत्रण कक्ष 0172-2219506, एसडीएम कार्यालय खरड़ 0160-2280222 और एसडीएम कार्यालय डेराबस्सी 01762-283224 शामिल हैं।