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Noida News: हूटर-बत्ती का शौक पड़ रहा भारी

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वीआईपी बनने के शौकीनों का चालान से स्वागत, नौ महीने में हर दिन औसतन 150 से ज्यादा चालान
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-सड़क पर हूटर बजाकर रुतबा दिखाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस की सख्ती



ऋषभ कौशल
नोएडा। सड़क पर रुतबा नहीं, नियम चलते हैं। गाड़ी में हूटर बजाकर दूसरों पर धाक जमाने, लाल-नीली बत्ती लगाकर वीआईपी दिखने और नंबर प्लेट पर जातिसूचक शब्द या प्रतीक चिह्न लिखवाने का शौक वाहन चालकों को भारी पड़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस की जनवरी से सितंबर तक की कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि शहर में खास दिखने की चाह रखने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इन नौ महीनों में सिर्फ इन तीन तरह के उल्लंघनों के आंकड़ों को जोड़ें तो कुल 17,764 चालान हुए हैं।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सबसे ज्यादा कार्रवाई जातिसूचक शब्दों और प्रतीक चिह्नों के उपयोग पर हुई। जनवरी से सितंबर के बीच इस श्रेणी में 11,265 चालान दर्ज किए गए। यानी इन तीन श्रेणियों में हुई कुल कार्रवाई का करीब 63 प्रतिशत हिस्सा इसी का है। वहीं, हूटर और सायरन बजाने वालों के खिलाफ 4,333 चालान हुए, जबकि लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल पर 2,135 चालान दर्ज किए गए। हूटर का शौक भी कम नहीं। जनवरी में 533 चालान हुए तो फरवरी में संख्या घटकर 209 रह गई। इसके बाद मार्च में 239 और अप्रैल में 436 चालान हुए। मई में यह आंकड़ा 792 तक पहुंच गया। जून में 642, जुलाई में 671 और अगस्त में 777 चालान किए गए। हालांकि सितंबर में कम कार्रवाई हुई। इसके अलावा लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल पर भी कार्रवाई का ग्राफ मई में सबसे ऊंचा रहा। इस महीने 432 चालान हुए, जबकि जनवरी में 244 चालान दर्ज किए गए थे। जातिसूचक शब्दों और प्रतीक चिह्नों पर कार्रवाई में जनवरी में 1,738 चालान हुए थे। फरवरी में यह संख्या 987 पर आ गई, लेकिन मार्च से फिर बढ़ने लगी। जुलाई में 1,703 चालान और अगस्त में 1,627 चालान हुए।
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हूटर बत्ती लगाने के नियम

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, हूटर का उपयोग आपातकालीन सेवा प्रदाता वाहनों पर ही अनिवार्य है। इनमें पुलिस वाहन, सभी तरह की एंबुलेंस वाहन और अग्निशमन विभाग के वाहनों पर ही हूटर वैध है। इसके अलावा लाल नीली बत्ती सिर्फ आधिकारिक मंत्री, प्रशासनिक अधिकारिक के नाम पंजीकृत वाहन पर ही वैध है। वहीं जाति सूचक या वाहन को मोडिफाई कराना अवैध है।
रसूख नहीं, नियमों से चलेगी सड़क
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि सड़क पर किसी की पहचान, पद या रुतबा यातायात नियमों से ऊपर नहीं है। वाहन पर लिखे शब्दों और प्रतीकों के जरिए दबदबा दिखाने की कोशिश हो या दूसरे वाहन चालकों की परवाह किए बिना लेन बदलना, दोनों ही स्थितियों में नियमों का पालन जरूरी है।
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किस नियम के उल्लंघन पर कितने का चालान
हूटर : 10 हजार रुपये
जाति या प्रतीक चिह्न :
एक हजार रुपये
लाल नीली बत्ती :
2 हजार रुपये
-
नौ महीने की कार्रवाई एक नजर में
उल्लंघन जनवरी–सितंबर चालान
हूटर/सायरन 4,333

लाल-नीली बत्ती 2,135

जातिसूचक शब्द/प्रतीक चिह्न
11,265


कुल 17,733

यातायात के नियमों के तहत वाहनों को सड़क पर चलाएं, आपातकालीन वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों में हूटर लगाना, लाल नीली बत्ती लगाना नियमों का उल्लंघन है, ऐसे वाहनों पर लगातार सख्ती की जा रही है।
-डॉ प्रवीण रंजन सिंह, डीसीपी ट्रैफिक, गौतमबुद्ध नगर



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