मेरठ। गृहकर के मामले में भवन स्वामियों के लिए राहत की खबर है। वर्ष 2022, 23 और 24 का बढ़ा हुआ गृहकर नगर निगम नहीं लेगा, अब सिर्फ 2025 से ही बढ़ा हुआ नया गृहकर लिया जाएगा। निगम के सदन में इसका प्रस्ताव पास होने के बाद शुक्रवार को मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम ने गृहकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को पत्र लिख दिया है। इसमें 2025 से ही नए गृहकर से वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे जीआईएस सर्वे में महानगर में 4.49 लाख भवनों को चिह्नित किया गया है। निगम के भौतिक सत्यापन में 3.50 लाख भवनों से गृहकर की वसूली होना है। शुरूआत में 2022 से बढ़ा हुआ नया गृहकर लेना निगम ने तय किया। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति कर दी थी। इसे लेकर तीन-चार बार हंगामा हुआ। एक माह पहले निगम ने गृहकर पर चर्चा की। भाजपा पार्षद अजय चंद्रा, राजीव गुप्ता उर्फ काले, दीपक वर्मा, पंकज गोयल सहित आठ पार्षदों के प्रस्ताव पर निगम ने मुहर लगा दी। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने माना कि 2025-26 से ही बढ़ा हुआ नया गृहकर भवन स्वामियों से लिया जाएगा।
नगर आयुक्त के निर्देश के बावजूद भी 2025 से पहले बढ़ा हुआ गृहकर भवन स्वामियों से निगम ले रहा था। इस पर पार्षदों ने दोबारा नाराजगी जताई। शुक्रवार को पार्षद राजीव गुप्ता व अन्य पार्षदगण नगर आयुक्त और फिर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से मिले। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने कहा कि सदन में यह पास हो चुका है। इसके आधार पर ही निगम अब 2025 से नए गृहकर की वसूली करेगा। 2025 से पहले बढ़ा हुआ गृहकर निगम नहीं लेगा। अगर किसी भी भवन स्वामी को आपत्ति है या वह संतुष्ट नहीं है तो मुख्य कर निर्धारण अधिकारी या फिर गृहकर से संबंधित समस्या पर सुनवाई करने वाले कंट्रोल रूम में पहुंचे। जहां पर उनका समाधान कराया जाएगा।