डेंगू की आड़ में नहीं चलेगा डर का करोबार
- स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों को भेजा नोटिस
- एंटीजन जांच व प्लेटलेट्स काउंट के आधार पर डेंगू की पुष्टि पर होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। डेंगू की आड़ में डर का कारोबार कर रहे निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिक संचालकों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा कसा है। वायरल बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स काउंट और एंटीजन जांच के आधार पर डेंगू की पुष्टि करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी कर दिया गया।
अमर उजाला के शनिवार अंक में प्रकाशित खबर ‘निजी अस्पतालों का खेल, 1023 नमूने जांच में फेल’ खबर का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी अस्पतालोंं व क्लीनिकों को जारी नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि मात्र एंटीजन जांच और प्लेटलेट्स रिपोर्ट के आधार पर डेंगू मरीज घोषित कर देना उचित नहीं हैं। इससे मरीजों में भय का वातावरण उत्पन्न हो रहा है।
एलाइजा जांच में पुष्टि होने पर ही डेंगू घोषित करने के आदेश दिए गए हैं। एलाइजा जांच में पुष्ट मरीजों की रिपोर्ट यूडीएसपी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। रेपिड जांच या प्लेटलेट्स रिपोर्ट के आधार पर डेंगू की पुष्टि करने वालों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों को लेने होंगे मरीजों के दो नमूने
सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि डेंगू संदिग्ध मरीज के दो नमूने एकत्र किए जाएं। अस्पताल एक नमूना अपनी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जबकि दूसरा नमूना क्रॉस चेकिंग के लिए केंद्रीय लैब में भेजना होगा। केंद्रीय लैब में पुष्टि होने पर ही डेंगू माना जाएगा। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि यह नियम भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जिला अस्पताल और पीजीआई को नोटिस
जिला अस्पताल और चाइल्ड पीजीआई में डेंगू की लैब में एलाइजा जांच की सुविधा है। दोनों ही अस्पतालों को डेंगू मरीजों की जानकारी समय पर देने के निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं, लेकिन सप्ताह से दस दिन बाद स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी जा रही है। इसकी वजह से डेंगू से निपटने की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। मलेरिया विभाग ने दोनों ही अस्पतालों को नोटिस जारी किया है।
सभी अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि एंटीजन जांच और प्लेटलेट्स रिपोर्ट के आधार पर डेंगू की पुष्टि नहीं करें। भविष्य में अगर इस तरह की लापरवाही दोहराई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सुनील कुमार शर्मा, सीएमओ
जिले में डेंगू की स्थिति
साल
डेंगू
2018
28
2019
40
2020
27
2021
667
2022
434
2023 (26 अगस्त तक)
202