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Noida News: प्रदूषण से निपटने के लिए हरियाली पर 108 करोड़ रुपये खर्च करेगा प्राधिकरण

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बोर्ड बैठक से मंजूरी के बाद अब शुरू होगा काम, ग्रीनबेल्ट में सुधार के अलावा सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए ग्रास ग्रिड लगाने के काम होने
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वायु प्रदूषण रोकने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण करीब 108 करोड़ रुपये खर्च करेगा। बोर्ड बैठक में मंजूरी के बाद अब ग्रीनबेल्ट में सुधार के अलावा सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए ग्रास ग्रिड जैसे काम कराए जाएंगे। ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा दोनों ही जगह की सड़कें इसके लिए प्राथमिकता में रखी गई हैं।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सर्दियों के दिनों में एक्यूआई 300 से अधिक रहता है जो लोगों की सेहत के लिए ठीक नहीं है। एनजीटी भी इसको लेकर कई बार निर्देश दे चुका है। विशेषज्ञों की राय है कि ग्रीनकवर बढ़ाने और सड़कों से धूल कम करने से प्रदूषण से राहत मिल सकती है। उन्होंने बताया कि इसके लिए इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपये से अधिक बजट का प्रावधान किया गया। इसको मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू कर काम शुरू हो सकेगा।
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ये काम होंगे
ग्रीनबेल्ट में सेक्टर्स के पार्कों के अलावा सिटी पार्क, रोटरी, सेंट्रल वर्ज को भी शामिल किया गया है। ग्रास ग्रिड के काम में खास तरह की टाइल्स लगाई जाएंगी जिनमें सुराख रहेंगे और इनमें घास पैदा हो सकती है। इससे जहां सड़कों पर धूल नहीं रहेगी, वहीं भूगर्भ जल रीचार्ज भी हो सकेगा। सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ग्रीनबेल्ट में जहां भी पौधे लगाने की जरूरत है वहां लगाएं। पौधे अगर सूखे हैं तो उनको बदला जाए। पौधरोपण अभियान भी प्राधिकरण चलाएगा। इसमें निजी कंपनियों की भी मदद प्राधिकरण लेगा।
इन उपायों पर भी खर्च होगा बजट
- मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए ट्रक माउंटेड मशीनों की खरीद व संचालन।
- एंटी स्मॉग गन का रखरखाव व संचालन।
- प्रमुख सड़क जैसे 130 मीटर, 105 मीटर, 60 मीटर के पास ग्रीनबेल्ट व नॉलेज पार्क में संस्थानों के आसपास पौधरोपण।
- परी चौक व दूसरी प्रमुख जगहों पर वर्टिकल गार्डन का विकास।
- औद्योगिक क्षेत्रों में मियावाकी पद्धति से ‘ग्रीन बफर जोन’ का विकास।
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