फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: 60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतारेगा प्राधिकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतारेगा प्राधिकरण
विज्ञापन

- लखनऊ में आयेाजित होने वाली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए प्राधिकरण की तैयारियां शुरू
- लिस्ट में शामिल होने वाली परियोजनाओं का नक्शा पास होना होगा अनिवार्य
सुशील पांडेय
नोएडा। लखनऊ में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में 60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव को नोएडा प्राधिकरण धरातल पर उतारेगा। अक्तूबर में संभावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए प्राधिकरण की तैयारियां तेज हो गई हैं।
जीबीसी के लिए प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों से आंकड़ा मांगा गया है। फरवरी में इन्वेस्टर समिट के दौरान जिन कंपनियों ने प्राधिकरण के साथ करीब 90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव के तहत समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। उन कंपनियों की अपडेट रिपोर्ट ली जा रही है। कंपनियों को जमीन आवंटन के बाद हालिया प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी। साथ ही काम शुरू होने, नक्शा पास कराने समेत अन्य बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक उन्हीं कंपनियों के नाम ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने जमीन आवंटन के बाद अपना सेटअप खड़ा करने के लिए नक्शा आदि पास करा लिया है।
विज्ञापन


40500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव वाली कंपनियों का डाटा तैयार
अधिकारियों के मुताबिक जीबीसी के लिए करीब 40500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाली कंपनियों का डाटा तैयार कर लिया है। इनमें से कई कंपनियों ने मौके पर काम भी शुरू करा दिया है। जबकि कुछ ने नक्शा आदि पास करा लिया है।


दावे को धरातल पर उतारने के लिए प्राधिकरण की यह होगी कोशिश
प्राधिकरण के साथ निवेश के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली कंपनियों का काम आसान करने की कोशिश होगी। इसके तहत प्राधिकरण की ओर से उनको जमीन आवंटन में आने वाली मुश्किलें कम की जाएंगी। साथ ही उनको निर्माण, फायर, पर्यावरण समेत कई प्रकार की एनओसी लेने में आने वाली दिक्कतों दूर की जाएंगी। इसका मकसद तय समय में ऐसी कंपनियों से सेटअप आदि लगाने का काम शुरू कराना होगा जिससे लक्ष्य पूरा किया जा सके।

न्यू नोएडा में निवेश को इच्छुक कंपनियों के मामले में होगी देरी
अधिकारियों के मुताबिक अदाणी के 5000 करोड़ के निवेश समेत कुछ कंपनियां अपना निवेश न्यू नोएडा में करना चाहती हैं। हालांकि इसमें देरी हो सकती है। दरअसल न्यू नोएडा का मास्टर प्लान अब तक नहीं बना है। मास्टर प्लान के सबसे अहम फाइनेंशियल प्लान बनाने में और देरी होगी। ऐसे में निवेशकों को जमीन मिलने में खासा समय लग सकता है। करीब 30 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव का यह हिस्सा न्यू नोएडा में जा सकता है।
विज्ञापन



जीबीसी के लिए तैयार 500 करोड़ से अधिक निवेश का दावा करने वाली कंपनियां
-
एम3एम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड-7500 करोड़
आइकिया-4300 करोड़
क्लियरलेक प्राइवेट लिमिटेड-4000 करोड़
थीम काउंटी प्राइवेट लिमिटेड-3200 करोड़
थीम काउंटी प्राइवेट लिमिटेड-2000 करोड़
रोजबेरी एस्टेट एलएलपी-2000 करोड़
महागुन इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड-1800 करोड़
गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड-1200 करोड़
थीम काउंटी प्राइवेट लिमिटेड-1000 करोड़
ग्रेट वैल्यू प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड-1000 करोड़
क्लियरलेक प्राइवेट लिमिटेड-1000 करोड़
एसोटेक रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड-950 करोड़
आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड-810 करोड़
एग्जेरियन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड-800 करोड़
आइसबर्ग इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड-800 करोड़
एसकेवीआर सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड-500 करोड़
वेब वक्र्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड-500 करोड़
द अंतरिक्ष-500 करोड़


आगामी जीबीसी में नोएडा प्राधिकरण की ओर से 60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाते हुए पेश किया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से अब तक 40500 करोड़ तक निवेश करने वाली कंपनियों की सूची तैयार हो चुकी है। प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों को सूची तैयार करने को कहा गया है।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें