घोटालों में शामिल अफसरों का नाम नहीं बता रहा प्रशासन
-प्रदेश सरकार ने मांगी थी चिटहेरा और तुस्याना भूमि घोटाले में शामिल अफसरों के नाम की सूची
-घोटालों में मिली थी अफसरों की मिलीभगत, जांच रिपोर्ट के आधार पर तैयार होनी है अफसरों की सूची
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन चिटहेरा और तुस्याना गांव के भूमि घोटालों में शामिल रहे दागदार अधिकारियों के नाम की सूची तैयार नहीं कर सका है। जबकि प्रदेश सरकार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सूची मांगी थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन अफसरों की मिलीभगत मिली थी। वहीं, तुस्याना भूमि घोटाले में एसआईटी की जांच भी पूरी हो चुकी है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिस पर शिकायतकर्ता मायूस हैं और उनके न्याय मिलने की उम्मीद टूटने लगी है। साथ ही आरोप लगाया जा रहा है कि शासन-प्रशासन ने छोटे-छोटे गुनाहगारों पर कार्रवाई करके बड़े दागदार अधिकारियों को बचाने का काम किया है।
दरअसल, तुस्याना गांव में सरकारी जमीन पर पट्टों का आवंटन किया गया था। इनमें काफी संख्या में अपात्र लोग थे। वहीं शासन से 200 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति लेकर टीपीएल नाम की कंपनी ने पट्टों के साथ अन्य जमीन खरीद ली थी। कंपनी ने वहां पर प्लॉटिंग शुरू कर दी और बाद में भूमाफिया ने जमीन अपने नाम करा ली। फिर कोर्ट के माध्यम से जमीन का मुआवजा उठाया गया। छह प्रतिशत कृषक भूखंड भी अच्छी जगह लगवाया लिया। अब शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बड़े-बड़े दोषी अधिकारियों के नाम उजागर नहीं किए जा रहे हैं।
घोटाले में नौ अफसर शामिल
चिटहेरा भूमि घोटाले में अभी तक नौ अधिकारियों का नाम सामने आया था। इनमें तत्कालीन एसडीएम से लेकर तहसीलदार, लेखपाल समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। साथ ही हापुड़ में तैनात रहे अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। पिछले साल सितंबर में सूची मांगी गई थी, लेकिन अब तक सूची नहीं भेजी गई है। चिटहेरा गांव में पट्टों की जमीन को भूमाफियाओं को जबरन लोगों से खरीदकर और फिर अवैध तरीके से उनका भूउपयोग बदलवा लिया। बाद में कुछ जमीन का मुआवजा भी उठा लिया। घोटाले में भूमाफिया यशपाल तोमर और गिरोह पर कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि इस प्रकरण में भी कई आईएएस, आईपीएस के अलावा पीसीएस अधिकारी शामिल रहे हैं।