प्रशासन ने जुर्माना लगाने वाले स्कूलों की सूची नहीं की सार्वजनिक
-ग्रेनो वेस्ट के अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के नाम जेवर विधायक को सौंपा पत्र
-जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल, सरकार से मांगा जवाब
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के अभिभावकों ने रविवार को जेवर विधायक को मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपा हैं। आरोप लगाया है कि प्रशासन ने 15 प्रतिशत फीस वापस नहीं लौटाने पर 100 निजी स्कूलों पर जुर्माना लगाया, लेकिन इन स्कूलों का नाम सार्वजनिक नहीं किया। साथ ही जिन स्कूलों ने फीस का समायोजन किया है। उनकी भी सूची सार्वजनिक नहीं की। प्रशासन व शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाकर सीएम से शिकायत की है।
एनसीआर पेरेंट्स एसोसिएशन के संस्थापक सुखपाल सिंह तूर ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को कोविड काल की 15 प्रतिशत फीस वापस लौटाने का आदेश दिया था, लेकिन निजी स्कूलों ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। 24 अप्रैल को जिला शुल्क नियामक कमेटी ने करीब 100 स्कूलों पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया, लेकिन इन स्कूलों के नाम को सार्वजनिक नहीं किया गया। जिलाधिकारी या डीएसआईएस कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी सूची को चस्पा नहीं किया गया है। वहीं डीआईओएस ने काफी स्कूलों के फीस को समायोजित करने का दावा किया, लेकिन इन स्कूलों की सूची भी देने को विभाग तैयार नहीं है। उधर कुछ स्कूल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की फीस लौटाने पर रोक नहीं लगाई है। बल्कि जो बच्चे स्कूल से निकल चुके है, अगली सुनवाई तक उनकी फीस वापस करने पर रोक लगाई है। साथ ही कोर्ट ने पिछले चार साल का लेखा जोखा स्कूलों से मांगा है। अभिभावकों ने जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यशैली पर सवाल उठाकर मुख्यमंत्री से शिकायत की है और हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने की मांग की है।