-जहांगीरपुरी इलाके में दिया था वारदात को अंजाम
2005 में कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा किया था घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जहांगीरपुरी में पत्नी की हत्या करने के मामले में 21 साल से फरार आरोपी वीरपाल उर्फ मैजू को गिरफ्तार किया है। 2005 में कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित करने पर वीरपाल, लखनऊ में विजय उर्फ रामदयाल नाम से पहचान बदल कर रह रहा था। पिछले दो दशक से वह गिरफ्तारी से बच रहा था।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले का रहने वाला है। 22 सितंबर, 2004 को जहांगीरपुरी थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक किरायेदार ने अपनी पत्नी और बच्चे को गंभीर रूप से घायल करने के बाद कमरा खाली कर दिया है। जहांगीरपुरी पहुंचने पर महिला खून से लथपथ मिली। महिला और घायल बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटनास्थल पर हिंसक हमले के निशान मिले। पीड़िता का मुंह साड़ी से बंधा हुआ था, टूटी हुई चूड़ियां, खून से सनी एक ईंट और शरीर के पास एक टूटा हुआ दांत मिला था। समय पर चिकित्सा सहायता के चलते बच्चा बच गया और उसने हमलावरों की पहचान अपने पिता वीरपाल और चाचा सुरेश के रूप में करते हुए महत्वपूर्ण बयान दिया। जांच से पता चला कि महिला वीरपाल की दूसरी पत्नी है। पुलिस ने जांच के बाद सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसपर मुकदमा चलाया गया और 26 सितंबर, 2007 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वीरपाल भागने में सफल रहा। वह अब तक फरार था।