लगाया गया था मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण का आरोप, सह आरोपी को पहले ही मिल चुकी है जमानत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी संतोष कुमार तरेटिया को जमानत दे दी है। इस प्रकरण में उमेश कुमार सिंह के आत्महत्या के पीछे आरोपी संतोष तरेटिया और सह आरोपी इरम खान पर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया था।
मामले में कृष्णकांत ने सेक्टर-20 कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके बड़े भाई उमेश कुमार सिंह के संतोष तरेटिया नामक व्यक्ति से घनिष्ठ संबंध थे। संतोष खुद को तंत्र-मंत्र और वशीकरण का जानकार बताता था और उमेश से लाखों रुपये कर्ज के रूप में ले चुका था। संतोष ने अपने साथी रहमान की चचेरी बहन इरम खान से उमेश की दोस्ती कराई और दोनों ने मिलकर उमेश का भारी आर्थिक शोषण किया।
उमेश कुमार सिंह ने इरम खान के लिए 30-40 लाख रुपये का लोन लेकर प्लॉट भी दिलाया था। उमेश नौ अप्रैल 2025 को नोएडा एक्सप्रेसवे होते हुए इरम के साथ निकले थे। घटना के बाद 10 अप्रैल 2025 को संतोष तरेटिया ने फोन कर जानकारी दी कि उमेश ने आत्महत्या कर ली है।
आरोपी की ओर से दलील दी गई कि वह घटना के दिन अपने पिता को दिखाने के लिए अलीगढ़ के एक अस्पताल में था। मृतक से लेनदेन का कोई विवाद नहीं था और दोनों के परिवारों ने भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। सह आरोपी इरम खान की जमानत पहले ही 14 जून 2025 को मंजूर हो चुकी थी।
सह आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि होटल में उमेश के साथ कहासुनी के बाद वह बाथरूम में चली गई थी। वापस आकर देखा तो उमेश ने दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना आरोपी को जमानत दी है।