महोली (सीतापुर)। नरनी गांव के आसपास जंगली जानवर की दहशत कम नहीं हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक नरनी गांव के पास वन विभाग द्वारा बांधे गए छठे पड़वे काे शुक्रवार रात बाघ खा गया। हालांकि डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बाघ द्वारा पड़वे को खाने की बात से इन्कार किया है।
22 अगस्त को नरनी निवासी सौरभ को बाघ ने निवाला बना लिया था। इसके बाद वन विभाग की भारी भरकम टीम ने वहां डेरा जमा लिया था। 29 दिन बाद टीम ने ट्रेंकुलाइज कर बाघिन को पकड़ा था। इससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली थी। ग्रामीणों ने बताया कि बाघिन पकड़े जाने के बाद कोल्हौरा गांव के निकट खेतों में बाघ के पगचिह्न मिले थे। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी थी। वन विभाग की टीम ने पगचिह्न को पुराना बताया था।
ग्रामीणों ने बताया कि बाघिन के पकड़े जाने वाले स्थान से कुछ दूरी पर तालाब के निकट वन विभाग ने कई दिनों से पड़वा बांध रखा था। बृहस्पतिवार देर रात बाघ उस पड़वे को खा गया।
शुक्रवार सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई। ग्रामीण पहले से ही बाघ-बाघिन व दो शावकों को देखने का दावा करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन को पकड़े जाने के बाद बाघ शावकों के पास आ गया है। विभाग ने कमांड सेंटर से कुछ दूर पिंजरे लगा रखे हैं लेकिन बाघ व शावक पिंजरे के करीब नहीं जा रहे हैं। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि बाघ द्वारा पड़वे का शिकार नहीं किया गया है।