नारद मोह और रावण-वेदवती प्रसंग का हुआ मंचन
दादरी। रेलवे रोड स्थित अग्रसेन आदर्श इंटर कॉलेज में लवकुश धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से नारद मोह प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने नारद मुनि की तपस्या, इंद्र के भय, कामदेव के प्रयास और भगवान विष्णु की माया का सजीव चित्रण किया।
मंचन के अनुसार, देवर्षि नारद की तपस्या से देवराज इंद्र का सिंहासन डोलने लगता है। तपस्या भंग करने के लिए इंद्र अप्सरा मेनका और रंभा को भेजते हैं, लेकिन वे असफल रहती हैं। इसके बाद कामदेव भी नारद की तपस्या भंग करने में सफल नहीं हो पाते। तपस्या के बाद नारद मुनि में अहंकार आ जाता है। उनका अहंकार तोड़ने के लिए भगवान विष्णु अपनी माया से एक सुंदर नगर की रचना करते हैं।
नगर में नारद मुनि विश्वमोहिनी को देखकर मोहित हो जाते हैं और उनसे विवाह करने की इच्छा जताते हैं। इसके लिए वे भगवान विष्णु से सुंदर रूप देने की प्रार्थना करते हैं। भगवान विष्णु उन्हें वानर रूप दे देते हैं। सभा में अपने रूप का उपहास होने पर नारद मुनि भगवान विष्णु को श्राप देते हैं कि जिस प्रकार उन्हें स्त्री के वियोग में दुख सहना पड़ेगा, उसी प्रकार भगवान को भी मनुष्य रूप में पत्नी के वियोग में भटकना पड़ेगा।
इसके बाद भगवान विष्णु के द्वारपाल जय-विजय के रावण और कुंभकर्ण के रूप में जन्म लेने का प्रसंग दिखाया गया। रावण, कुंभकर्ण और विभीषण की शिव तपस्या तथा भगवान शिव से वरदान प्राप्त करने का मंचन भी किया गया। रावण के अत्याचारों से व्यथित पृथ्वी द्वारा भगवान से अवतार लेने की प्रार्थना करने का प्रसंग कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही रावण-वेदवती प्रसंग और रावण को दिव्य चंद्रहास प्राप्त होने का दृश्य भी दर्शाया गया।
इस अवसर पर कमेटी अध्यक्ष पवन बंसल, महामंत्री केशव गोयल, अंकित अग्रवाल, अजय गर्ग, वेदन शर्मा, राजीव गर्ग, राकेश भाटी, सुभाष शर्मा, किशन, देवेंद्र मित्तल, लीलू गर्ग और रिशु गोयल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।