फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: किशोरी को 15 दिन तक बंधक बनाकर किया दुष्कर्म

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। घोरावल कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली किशोरी (13) को डरा-धमकाकर वाराणसी ले जाया गया। आरोप है कि अलग-अलग स्थानों ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद मारपीट करते हुए घर ले जाकर छोड़ दिया गया। मामले में पॉक्सो कोर्ट ने थानाध्यक्ष घोरावल को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
विज्ञापन

घोरावल कोतवाली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि गांव का ही एक मनबढ़ युवक डेढ़ वर्ष से उसकी पुत्री को परेशान कर रहा है। एक वर्ष पूर्व उसके साथ दुष्कर्म किया था। वहीं गत 15 सितंबर को उसे डरा-धमकाकर वाराणसी ले गया। वाराणसी सहित अन्य जगहों पर उसे 15 दिन तक रखकर दुष्कर्म किया गया।
आरोप लगाया गया है कि 20 सितंबर को आरोपी पीडि़ता को लेकर मिर्जापुर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र स्थित बुआ के घर पहुंचा। वहां वह और उसके बुआ के घर के लोगों ने मारपीट की। इसके बाद रात में उसे घर से बाहर लाकर छोड़ दिया गया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई की। पाया कि प्रकरण दुष्कर्म से जुड़ा है। इस मामले में मुख्य आरोपी के अलावा अन्य आरोपियों की भी सक्रिय भूमिका परिलक्षित हो रही है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने थानाध्यक्ष घोरावल को मामला दर्ज कर विवेचना का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन

-
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र की एक नाबालिग से उसके नलिहाल में जाकर दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जनजाति समुदाय के एक व्यक्ति ने ओबरा थाने में केस दर्ज कराया था कि उसकी बेटी को खैराही गांव निवासी अनवर आलम उर्फ गोलू स्कूल आते-जाते समय छेड़खानी करता था। उसके डर से पीड़िता स्कूल न जाकर ननिहाल चली गई। यह बात आरोपी को मालूम हुई तो वह रात 10 बजे उसके घर में घुसकर दुष्कर्म किया। ओबरा पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को आठ अक्तूबर को गिरफ्तार किया था। दो दिन पहले विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सुनवाई की और पाया कि शैक्षिक अभिलेख में भी पीड़िता की उम्र लगभग 16 वर्ष है। उसने अपने बयान में जबरिया दुष्कर्म का जिक्र किया है। तथ्य और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें