अक्षर ज्ञान से लेकर गुणा भाग की निपुणता व शैक्षिक गुणवत्ता को जांचने के लिए 30 ग्राम सभाओं के अंतर्गत आने वाले स्कूलों के छात्रों की भाषीय और गणितीय दक्षता की जांच की जाएगी। हिंदी, अंग्रेजी और गणित में अब तक निपुण हुए छात्रों का सर्वे होगा। रिपोर्ट आने के बाद आगे की योजना शिक्षा विभाग की ओर से बनाई जाएगी। नोडल प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस सर्वेक्षण में तीन से 16 वर्ष के छात्रों के अधिगम स्तर की जांच की जाएगी। असर की ओर से दो वर्ष में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति को जानने के लिए सर्वेक्षण होता है। 14 से 16 साल के छात्र डिजिटल रूप से कितनी पढ़ाई कर रहे हैं। इसकी भी जांच होगी। मास्टर ट्रेनर मनोज कुमार पटेल, राजेश दुबे, योगेंद्र यादव, रामगोविंद यादव ने ट्रेनिंग दी।
प्रदेश में छात्रों का सबसे अच्छा शैक्षिक स्तर
असर 2022 की हाल ही में जारी रिपोर्ट में ग्रेटर नोएडा जनपद के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले 63 प्रतिशत छात्रों को भाग करना आता है। प्रदेश में सबसे अच्छा शैक्षिक स्तर जिले के छात्रों का था। वहीं कक्षा तीन से पांच में पढ़ने वाले करीब 61 प्रतिशत छात्रों को घटाना तक आता है। इस वर्ष भी, असर 2024 का उद्देश्य 3-16 वर्ष के बच्चों की नामांकन स्थिति और 5-16 वर्ष के बच्चों की बुनियादी पढ़ने और गणित की स्थिति को मापने के साथ-साथ 14-16 वर्ष के बच्चों की डिजिटल साक्षरता का आंकलन होगा।
अलग-अलग तैयार होगी प्रश्नावली
असर की ओर से अलग-अलग विषयों की प्रश्नावली तैयार की गई है। प्रश्नावली को पढ़कर छात्रों को उनके सवालों के जवाब देने होते हैं। कक्षा एक और दो के छात्रों को प्रश्नावली नहीं दी जाती है। उनसे शिक्षक मौखिक सवाल करते हैं, जिनका जवाब उन्हें देना होता है। उनके जवाब को प्रश्नावली में भर दिया जाता है। अन्य कक्षाओं के छात्रों को खुद प्रश्नावली के उत्तर देने होते हैं।
सर्वे के लिए चयनित गांव
बिसरख - 5
दादरी - 10
दनकौर- 7
जेवर - 8
तीन दिवसीय प्रशिक्षण डीएलएड छात्रों को दिया जा चुका है। शनिवार को छात्र स्कूलों में सर्वे करेंगे और रविवार को हर 5वें घर में सर्वे होगा। इस सर्वे से छात्रों की शैक्षिक स्तर की जानकारी होगी। - राज सिंह यादव, डायट प्राचार्य